Tuesday, May 13, 2025

49 th full marathon

मेरी 49 th फुल मैराथन।
इस मैराथन के लिए मैंने व्यवस्थित रूप से ट्रेनिंग ली आदरणीय राजेश पोरवाल जी से 1 अगस्त 2024 से ट्रेनिंग ले रहा था ।हमारी तैयारी 4.40 घण्टे में 42 km रन करवाने की करवाई थी ।कामरेड क्वालीफाई के लिए 4.50 घण्टे में 42 km रन करना होता है परंतु इस बार कामरेड मैराथन वालो ने कट ऑफ बढ़ा दिया।हम भाग्यशाली है।
ट्रेनिंग बढिया चल रही थी हमारी तिकडी मस्तानसिंघ राजपूत जी,देवराज जी पाटीदार और मैं नियमित रूप से मलहराश्रम दौड़ रहे थे।
मैराथन के पहले 20 से 25 दिन पूर्व  tapering करते है कि बॉडी को आराम मिल जाये और  फ्रेश बॉडी लेकर इवेंट में उतरे परंतु किस्मत में कुछ अलग ही लिखा था।
25 दिन पूर्व मुझे हील पेन होने लगा ।उस दिन में डॉ अमित बंग के साथ दौड़ रहा था 13 km दौड़ना था दौड़ तो लिया परंतु बाद में limping  होने लगी ,चलने में लड़खड़ाहट होने लगी हमारे साइकिलिस्ट के के खण्डेलवाल जी ने भी नोटिस किया और फिर पोरवाल जी ने भी देखा ।मुझे आराम की सलाह दी 14 दिन ।पूर्ण आराम किया ,मालिश करवाई जिंदगी में पहली बार प्रोफेशनल व्यक्ति से ।फिजियोथेरेपी भी करवाई मोहित मदान से ।
26 जनवरी को सुपरचार्जर की रन होती है हर वर्ष गांधी हाल से पलासिया ।उस दिन BSF के कार्यक्रम को जॉइन किया था वहाँ 500 मीटर ही दौड़ा था ।फिर गांधी हॉल यह सोचकर गया था कि 7 km तो दौड़ लूंगा परंतु डेढ़ किलोमीटर करने के बाद ही छोड़ दिया ।
2 feb की रात को 3 बजे से दौड़ना था।हम लोग विश्वास शाह,मस्तानसिंघ जी,सुनील तिवारी जी,बॉबी छाबड़ा जी देवराज पाटीदार जी 31 को ही जयपुर पहुच गए थे ।
1 की रात को 3 बजे से दौड़ना था।
ट्रैन से गए थे खूब मजा किया हम लोगो ने यादगार यात्रा थी हम लोगो की
शाम को जल्दी खाना खा लिया था।कुछ घण्टे सो पाए 2 बजे तो होटल से निकल  गए 
जोश ऐसा था कि देवराज जी राजपूत जी और मै खूब थिरके ढोल की थाप पर स्टार्ट के पहले।
3 बजे शार्प दौड़ चालू हुई ।मेरा टारगेट पहला 21 km 2 घण्टे 20 में करना था और मैंने 2 घण्टे 22 मिनट में कर लिया था
शुरू के 1 km के बाद ही हील पैन होने लगा मैंने पाटीदार जी को कहा कि आप निकलिए।फिर 3 से 4 km पर देखा तो मेरा पेस 6.20 से 6.30 चल रहा है।
18 km तक तो अच्छा पेस रहा फिर राइट पैर में क्रेम्प आने जैसा होने लगा उसके बाद कम से कम 12 km तक हर 200 मीटर पर 20 से 25 सेकंड का वाक करना पड़ रहा था।जब 32 km पर पहुँचा तो दर्द बन्द हो गया था शायद पल्स टॉफ़ी का असर था।रूट पर वालंटियर्स नही के बराबर थे ।मोटीवेट करने वाले तो कोई भी नही थे 700से 800 मीटर तक कोई रनर नही दिख रहा था।
बहुत जगह पानी की बोतल का स्टैंड था और कोई वालंटियर्स नही ।बहुत बेकार aarangement था।क्यो करवाते है 42 km जब आपके पास वालंटियर्स न हो।
32 के बाद उम्मीद बंधी सुबह 7 बज गयी थी दिन निकल गया था ।बॉडी थक गई थी।कोई उत्साह नही था मैंने सोच लिया था कि 5 घण्टे में नही हो पायेगा ।
3 से 4 रनर ने टोक भी दिया कि नही होगा 5 घण्टे में ,मैंने इग्नोर किया और दौड़ता रहा आखिरी 5 km के लिए 40 min बच रहे थे
मैंने 14 जेल लिए ।जेल ने ही मुझे बचाया कही भी केले नही मिले
आखिरी 2 km 6.30 और 6.25 के पेस में दौड़ा और 4 घण्टे 57 min में रेस पूरी कर ली देवराज जी 17 सेकंड पहले ही पहुचे थे ।
जब 4 km बचे थे ये तो समझ मे आ गया था कि 5 घण्टे में 42 नही कर सकते है तो कामरेड क्या होगा फिर भी आखिर में जोर लगाया कि क्वालीफाई तो हो जाये ।एक ऑप्शन तो खुला रहेगा और दूसरा 20 दिन बाद दिल्ली नही दौड़ना चाहता इसीलिये आखिरी 10 km तेज किया।रेस खत्म होते ही देवराज जी और मैंने फ़ोटो खिंचाये और फिर 100 मीटर बाद ही जबरदस्त क्रेम्प आये मेरे दोनों पैरों में ,वो दिन कभी नही भूल सकता हु देवराज जी ने मुझे सहारा देकर बिठाया और मेरी बहुत मदद की ।10 min बाद थोड़ी रिकवरी हुई क्रेम्प से जल्दी से मैडल लिया और हमे ट्रैन पकड़नी थी ।होटल में भी देवराजजी मेरा सामान नीचे लेकर आये।राजपूत जी कॉमरेड के लिए क्वालीफाई नही हो पाए हम चारो को बहुत बुरा लगा।
ट्रैन में ही मैंने निर्णय ले लिया कि मैं कामरेड नही करूँगा क्योकि अच्छा प्रदर्शन नही कर पाया।
मुझे विश्वास शाह जी ने कहा कि 30%चांस भी हो तो कोशिश तो करनी चाहिए फिर देवराज जी ने कहा कि कल सर का मूड बदल जायेगा और अगले दिन सुबह उठा तो सही में मूड बदल गया कि इंजरी के बाद भी 5 घण्टे में कर पाया ये कोई छोटी बात नही है ।अभी 4 माह है प्रैक्टिस करेंगे सब अच्छा होगा।
ब्लॉग लिखने का मकसद एक ही है कि यादों को संजोना और अपनी गलतियों को स्वीकारना ।शायद ये ब्लॉग किसी के काम आ जाये ।



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