इस ब्लॉग को लिखने का मकसद एक ही है कि आपने क्या क्या नए अनुभव लिए वो अपनें सभी रनर साथियों से शेयर करना।और अपने लिए भी एक ताजा संस्मरण।बाद में भूल जाते है ।इसलिए हमेशा ब्लॉग 2 या 3 दिन में ही लिख देता हूं।मेरे सारे ब्लॉग 2013 से ब्लॉगर डॉट कॉम पर है yogendra vyas के नाम से
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14 दिसंबर को बजाज पुणे मैराथन के लिए रजिस्टर किया था और कम्पलीट भी कर ली 5 घण्टे और 32 मिनट में।
उम्मीद तो थी कि मैं 5 घण्टे में कर लूंगा परंतु सब कुछ आपके मन का नही होता है।
पहले एनालिसिस कर लेते है ।एक तो ये की 4 km के लूप में 5 ब्रिज थे।3 छोटे और 2 बड़े ।इस प्रकार से एक बार मे आना और जाना 10 ब्रिज क्रॉस किये 2 लूप थे तो 20 ब्रिज छोटे बड़े क्रॉस किये ।
ब्रिज मेंटली थका देते है कि खत्म होने का नाम ही नही लेते है।
वो तो मेरे प्यारे दोस्त अवनीश उपाध्याय जी मुझे 20000 लोगो की भीड़ में ढूंढ कर आ गए और मेरे साथ 14 km रन किया ,फ़ोटो वीडियो भी बनाये ।ये कमाई है हमारी फिटनेस की की हमे ऐसे अच्छे दोस्त मिले।
एलिवेशन गेन मुम्बई मैराथन में 150 मीटर होता है ।यहाँ 250 मीटर था।
जब मेरे 30 km हुए garmin वाच में उस समय 29 km का बोर्ड दिख रहा था मैराथन का ।रूट मापने में गलती की मेरी वाच 43.45 km बता रही थी 1.3 km एक्स्ट्रा रन किया हमने।जिससे 15 मिनट ज्यादा लगे।
ये मेरी 52 वी मैराथन थी 30 km पर हर बार की तरह इस बार भी शरीर कह रहा था कि अब रुक जाओ बन्द करो मैराथन,बुड्ढे हो गए हो।परन्तु जिद तो जिद होती है आज सोचकर ही आया था कि टाइम जो भी आये मैराथन पूरी जरूर करूँगा।और कि भी।ये भी एक मजेदार बात है कि जब भी मैराथन दौड़ते है हर बार कहता हूं 30 से 35km पर की अब नही दौडूंगा और फिर वापस आ जाते है उसी पागलपन को करने को।52 बार गलती की दौड़ने की और आगे भी सुधरने का चांस नही लगता है ।पहले महीने में एक बार दौड़ते थे और साल में 12, अब साल में सिर्फ 2 मैराथन ही करता हु।
मेरा केडेन्स 8 दिन पहले 26 km किया था मलहराश्रम में उस समय 171 आया था।पुणे मैराथन में 157 आया ।
31 मिनट वाक किया वाच के अनुसार।4200 steps मेरे कम हुए या 3km रन कम हुआ रन वाक के कारण।
यदि में एक rhythm में दौड़ता जैसा कि मैने 26 km मलहराश्रम पर दौड़ा था तो ज्यादा अच्छा होता।21 km तक मेरा एवरेज पेस 7.14 था।
उसके बाद बॉडी थकने लगी और औसत पेस बढ़ते हुए 7.40 तक आ गया ।
मतलब की बाद के 21 km में 3 घण्टे लगे जबकि पहले 21 में 2 घण्टे 30 min
हाइड्रेशन और न्यूटिशन बहुत जरूरी होता है।मैंने रात को डेढ़ बजे पीनट बटर oats केले की स्मूथी ढूध के साथ ली ।
1 लीटर ors वाला पानी पिया रात भर में
रनिंग के वक्त के लिए 10 फास्टेण्ड अप के 10 जेल एक 500 ml की बोतल में खाली कर दिए थे।200 ml की 2 बोतल में 10 टेबलेट फास्टेण्ड अप की टेबलेट डाल थी थी।उससे कोई cramp नही आये।
एक घण्टे में 600 से 700 ml पानी लेता रहा।
बाकी स्टाल से कुछ नही लिया ।
मैंने hal higdon का ऑनलाइन प्रोग्राम ले रखा था 18 माह प्रॉपर ट्रेनिंग ली थी परंतु रिजल्ट मनमाफिक नही आया।
इवेंट के 7 दिन पहले 13 km शनिवार और रविवार को 26 km रन किया था।
मुझे लगता है कि अब 39 km एक दिन में रन करो तो उसका असर ज्यादा आएगा ,क्योकि 13 km एक दिन में करके आप रात को सोते हो तो काफी रिकवरी हो जाती है।
अगले दिन 26 में तकलीफ नही पड़ी थी ।
अब ये सीखा की 32 km ,34km, 38 km भी प्रैक्टिस रन में करना चाहिए ।मैराथन में 25 से 26 के बाद ही खेल शुरू होता है।
हम लोग हमेशा सीखते ही रहते है ।
आज शाम को गुरुदेव राजेश पोरवाल जी का फ़ोन आया कि क्या हुआ ,कैसा रन था।वो बहुत खयाल रखते है मेरा मुझे गर्व है मेरे सभी दोस्तों पर ।सभी को धन्यवाद जो मुझे शुभकामनाएं दी और मेरा हौसला बढ़ाया।
63 वर्ष में 52 फुल मैराथन सच्ची में अपने आप पर गर्व होता है।
सबसे बड़ी बात ये की राइट घुटने ने कोई तकलीफ नही दी।
जयपुर मैराथन में तो बहुत cramp आये थे 18 km से 30 km तक और आखिरी में तो देवराज पाटीदार जी ने ही मुझे संभाला था बहुत cramp आये थे 42 km करने के बाद ।