Tuesday, December 16, 2025

52nd full marathon

52 nd फुल मैराथन
इस ब्लॉग को लिखने का मकसद एक ही है कि आपने क्या क्या नए अनुभव लिए वो अपनें सभी रनर साथियों से शेयर करना।और अपने लिए भी एक ताजा संस्मरण।बाद में भूल जाते है ।इसलिए हमेशा ब्लॉग 2 या 3 दिन में ही लिख देता हूं।मेरे सारे ब्लॉग 2013 से ब्लॉगर डॉट कॉम पर है yogendra vyas के नाम से
http://yogendra63.blogspot.com/?m=1
14 दिसंबर को बजाज पुणे मैराथन के लिए रजिस्टर किया था और कम्पलीट भी कर ली 5 घण्टे और 32 मिनट में।
उम्मीद तो थी कि मैं 5 घण्टे में कर लूंगा परंतु सब कुछ आपके मन का नही होता है।
पहले एनालिसिस कर लेते है ।एक तो ये की 4 km के लूप में 5 ब्रिज थे।3 छोटे और 2 बड़े ।इस प्रकार से एक बार मे आना और जाना 10 ब्रिज क्रॉस किये 2 लूप थे तो 20 ब्रिज छोटे बड़े क्रॉस किये ।
ब्रिज मेंटली थका देते है कि खत्म होने का नाम ही नही लेते है।
वो तो मेरे प्यारे दोस्त अवनीश उपाध्याय जी मुझे 20000 लोगो की भीड़ में ढूंढ कर आ गए और मेरे साथ 14 km रन किया ,फ़ोटो वीडियो भी बनाये ।ये कमाई है हमारी फिटनेस की की हमे ऐसे अच्छे दोस्त मिले।
एलिवेशन गेन मुम्बई मैराथन में 150 मीटर होता है ।यहाँ 250 मीटर था।
जब मेरे 30 km हुए garmin वाच में उस समय 29 km का बोर्ड दिख रहा था मैराथन का ।रूट मापने में गलती की मेरी वाच 43.45 km बता रही थी 1.3 km एक्स्ट्रा रन किया हमने।जिससे 15 मिनट ज्यादा लगे।
ये मेरी 52 वी मैराथन थी 30 km पर हर बार की तरह इस बार भी शरीर कह रहा था कि अब रुक जाओ बन्द करो मैराथन,बुड्ढे हो गए हो।परन्तु जिद तो जिद होती है आज सोचकर ही आया था कि टाइम जो भी आये मैराथन पूरी जरूर करूँगा।और कि भी।ये भी एक मजेदार बात है कि जब भी मैराथन दौड़ते है हर बार कहता हूं 30 से 35km पर की अब नही दौडूंगा और फिर वापस आ जाते है उसी पागलपन को करने को।52 बार गलती की दौड़ने की और आगे भी सुधरने का चांस नही लगता है ।पहले महीने में एक बार दौड़ते थे और साल में 12, अब साल में सिर्फ 2 मैराथन ही करता हु।
मेरा केडेन्स 8 दिन पहले 26 km किया था मलहराश्रम में उस समय 171 आया था।पुणे मैराथन में 157 आया ।
31 मिनट वाक किया वाच के अनुसार।4200 steps मेरे कम हुए या 3km रन कम हुआ रन वाक के कारण।
यदि में एक rhythm में दौड़ता जैसा कि मैने 26 km मलहराश्रम पर दौड़ा था तो ज्यादा अच्छा होता।21 km तक मेरा एवरेज पेस 7.14 था।
उसके बाद बॉडी थकने लगी और औसत पेस बढ़ते हुए 7.40 तक आ गया ।
मतलब की बाद के 21 km में 3 घण्टे लगे जबकि पहले 21 में 2 घण्टे 30 min
हाइड्रेशन और न्यूटिशन बहुत जरूरी होता है।मैंने रात को डेढ़ बजे पीनट बटर oats केले की स्मूथी ढूध के साथ ली ।
1 लीटर ors वाला पानी पिया रात भर में
रनिंग के वक्त के लिए 10 फास्टेण्ड अप के 10 जेल एक 500 ml की बोतल में खाली कर दिए थे।200 ml की 2 बोतल में 10 टेबलेट फास्टेण्ड अप की टेबलेट डाल थी थी।उससे कोई cramp नही आये।
एक घण्टे में 600 से 700 ml पानी लेता रहा।
बाकी स्टाल से कुछ नही लिया ।
मैंने hal higdon का ऑनलाइन प्रोग्राम ले रखा था 18 माह प्रॉपर ट्रेनिंग ली थी परंतु रिजल्ट मनमाफिक नही आया।
इवेंट के 7 दिन पहले 13 km शनिवार और रविवार को 26 km रन किया था।
मुझे लगता है कि अब 39 km एक दिन में रन करो तो उसका असर ज्यादा आएगा ,क्योकि 13 km एक दिन में करके आप रात को सोते हो तो काफी रिकवरी हो जाती है।
अगले दिन 26 में तकलीफ नही पड़ी थी ।
अब ये सीखा की 32 km ,34km, 38 km भी प्रैक्टिस रन में करना चाहिए ।मैराथन में 25 से 26 के बाद ही खेल शुरू होता है।
हम लोग हमेशा सीखते ही रहते है ।
आज शाम को गुरुदेव राजेश पोरवाल जी का फ़ोन आया कि क्या हुआ ,कैसा रन था।वो बहुत खयाल रखते है मेरा मुझे गर्व है मेरे सभी दोस्तों पर ।सभी को धन्यवाद जो मुझे शुभकामनाएं दी और मेरा हौसला बढ़ाया।
63 वर्ष में 52 फुल मैराथन सच्ची में अपने आप पर गर्व होता है।
सबसे बड़ी बात ये की राइट घुटने ने कोई तकलीफ नही दी।
जयपुर मैराथन में तो बहुत cramp आये थे 18 km से 30 km तक और आखिरी में तो देवराज पाटीदार जी ने ही मुझे संभाला था बहुत cramp आये थे 42 km करने के बाद ।


Thursday, June 12, 2025

कामरेड मैराथन 2025

8 जून 2025 को आखिर कार कामरेड मैराथन भी हो ही गयी ।मैं सफल नही हो पाया उसका मुझे बहुत दुख है क्योंकि हमने इसके लिए जून 2024 से तैयारी शुरू कर दी थी ।
जून जुलाई 2024में 500 km रन कर ली थी 
अगस्त में प्रॉपर ट्रेनिग शुरू की तो पहले माह 140 km ही दौड़ना पड़ा मतलब हम ओवरट्रेनिंग करते है इसीलिए कोच के मार्गदर्शन में ही रन कीजिये
जून 2024 के पहले डेढ़ वर्ष तक मुझे बहुत दर्द था ankle में जिसका इलाज के लिए मैंने सब कुछ किया सभी प्रकार के इलाज प्लांटर fascitis के किये परंतु कोई फायदा नही हुआ और आखिरकार मेरे जिगरी दोस्त डॉ टुटेजा ने हील में इंजेक्शन लगाए और मैं 2 दिन में पूरी तरह ठीक हो गया ।ठीक हो गया तो कामरेड का मन हुआ और ब्रजभूषण शुक्ल से बात की तो और पक्का मन हो गया कि करना ही है।फिर राजेश पोरवाल जी से बात की जो कि मेरे जिंदगी के 12 वर्षो में पहले कोच  है ।इसके पहले मैंने कभी कोचिंग नही ली और अपनी मर्जी से जितना मन होता था वो दौड़ लेता था unscintifically,प्रॉपर ट्रेनिंग का बहुत फायदा होता है।
31 जुलाई से राजेश पोरवाल जी ने ट्रेनिंग देना शुरू की तो वो कामरेड मैराथन 8 जून तक चालू थी 
पोरवालजी इंदौर के बेहतरीन कोच है उन्होंने बोस्टन,शिकागो,बर्लिन,कामरेड मैराथन 3.30 में कर चुके है।
उनकी ट्रेनिंग ने मुझे पूरा चेंज कर दिया ,एक तो बेयरफुट रन से मुक्ति मिल गई ।मैं हमेशा सोचता था कि मेरा पेस बेयरफुट में अच्छा आता है ।और कोई भी शूज पहनूंगा तो मुझे सूट नही होगा ।
10 माह में 4 जोड़ी जूते ले लिए 
असिक्स cumulus, nimbus, novablast,brook launch 9
क्या हुआ था कि मैंने रेस छोड़ी 10 माह से मैंने पूरी  ईमानदारी से वर्कऑउट किये थे कामरेड मैराथन तो करना ही थी कोई भी व्यक्ति इतना समय ,मेहनत लगा कर वहाँ घूमने नही जाता है मैडल तो चाहिए ही था परंतु कुछ परिस्थितिया ऐसी हो जाती है कि आपको रेस छोड़ना पड़ती है।
जब दौड़ना शुरू किया तो बहुत पॉजिटिव था कि आराम से दौड़ लेंगे परंतु 3 या 4 km पर ही मेरे पैर में लचक आ गयी राइट knee में मुझे एक दो मिनट रुकना पड़ा।देवराज जी को कहा कि आप दौड़ते रहो में आ जाऊंगा।
6 min बाद स्टार्टिंग लाइन क्रॉस की थी 
शुरू में 9.37 का average पेस चल रहा था 30 km 4 घण्टे में कर लिया था 8.05 तक का पेस था 30 तक ।
उसके बाद 35 km पर बॉडी थकने लगी तो वाक चालू कर दी कि देखते है थोड़ी देर में अच्छा लगेगा तो दौड़ेंगे 
गॉगल्स पहनने की आदत नही थी माइनस 6 नंबर है तो photochromatic लेंस पहनना थे हेड कैप भी नही पहनता हु तो 12 बजे drummond 45 km तक पहुचते पहुचते एग्जॉस्ट हो रहा था नेगेटिव थॉट हावी होने लगे थे ।
5.45 में 45 करना था कोच के अनुसार 6 तक भी मुझे मंजूर था परंतु 6.33 पर drummond पहुँचा 45 km और राइट घुटने में दर्द हो रहा था 3 -4
दिन से खांसी भी बहुत थी तो सांस भी नही ले पा रहा था ।मैंने aerocort इनहेलर और medrol 8 mg tab ली थी ।साथ मे rotahaler भी रखा था वो दौड़ते समय कही गिर गया था।वैसे में पिछले 10 सालों से इनहेलर वापरता ही नही हु।सावधानी के तौर पर ही ले गया था
फिर देवराज जी के साथ मैंने पूरी ट्रेनिंग की थी उन्होंने हर बार मुझे पूरा सपोर्ट किया ।इंदौर में मेरी 9 घण्टे की रन भी उन्होंने ही करवाई थी उनको 18 km पर मिला तो उन्होंने बताया कि दस्त हो गए है और वो छोड़ रहे है मैंने उन्हें समझाया कि थोड़ा दौड़ के देखो छोड़ो मत ,फिर 28 और 35 km पर वापस हम दोनों मिले उनका कहना था कि 10 से ज्यादा loose motion हो गए है उन्हें कहा की मेरी हालत भी अच्छी नही है drummond 45 km तक चलते है वहाँ छोड़ देंगे
मेरे 30 से 45 km का पेस वाक के कारण 9.30 का आया ।और मुझे लगने लगा कि वाक के साथ कामरेड नही होगी ।जब में रुका तो देवराज जी आगे थे 200 मीटर मेरी 200 मीटर चलने की ताकत नही थी वो पलट कर आये और उन्होंने देखा कि मैं जमीन पर बैठा हूँ और मेरी सांस लेने में तकलीफ हो रही है ।
अगर आपके जोड़ीदार को तकलीफ आती है तो आप डिस्टर्ब हो जाते हो अगर देवराज जी को दस्त नही लगते और वो मुझे नही मिलते तो शायद मेँ भी प्रयास करता इतनी जल्दी नही छोड़ता।
अब दूसरे कारण 
हम लोगो ने 42 km क्वालीफाई जयपुर में किया था।वो 4.57 में किया था ।
हमे 4.30 में करना था ।
हमारे आदरणीय कोच हमेशा कहते थे कि 8 के पेस में वहाँ दौड़ना है तो सारे रन 7.40 के पेस में होना चाहिए ।मेरा 58 km का रन 9 घण्टे में हुआ था।
हमारी गलती रही ।
इंजरी मेरा पीछा नही छोड़ रही थी जयपुर मैराथन के पहले भी हील पैन आ गया था।फिर सतारा मैराथन में नया दर्द राइट घुटने में लचक आने पर दर्द आ गया था वो रन भी 55 करना थी 20 km पर छोड़ दी थी।
किसी को भी कामरेड करना हो तो सारे वर्कआउट 7.40 के पेस में करना चाहिए जिससे कि आप आराम से 8 के पेस में 12 घण्टे दौड़ पाओ
और गलतियां बता रहा हु
एक गलती ये भी थी कि 2 लीटर का बैक पैक लेकर दौड़ना सभी ने मना किया था मेरा लॉजिक ये था कि 10 जेल और 2 इलेक्ट्रोल वाला पानी मेरे पास रहेगा तो मुझे किसी स्टाल पर रुकना नही पड़ेगा समय बचेगा ।परंतु उस पानी की जरूरत ही नही पड़ी क्योकि मेरे waist pouch में 10 gel को एक बोतल में भर रखा था वो पीते पीते और किशमिश खाते हुए ही काम चल गया।
करीब 100 ग्राम किसमिश खा ली थी
मुझे 35 से 45 में थोड़ा सा पुश करके थोड़ा बहुत रन जरूर करना था।
अब वहाँ के माहौल के बारे में बताता हूं पूरे रास्ते मे लोग खड़े रहते है आपका टी शर्ट पर इंडिया का logo देखते ही इंडिया इंडिया करने लगते है।
करीब 50 स्टाल होंगे हर स्टाल पर इतने पानी के पाउच प्लास्टिक के पड़े रहते है कि आप को दौड़ना तो असंभव ही होता है 100 मीटर वाटर स्टाल के पास वाक ही करना होता है।
हमारी कामरेड इस बार नही हुई अगली बार 2026 मे जरूर करूँगा अब स्पीड वर्क और बहुत सी मैराथन पर फोकस होगा ।जिससे कि हम हमारे पेस पर ध्यान दे सके
Gymming भी करना है।बॉडी को मजबूत बनाना है।
अभी आज और कल मैने सोचा है कि इस बार मे हैदराबाद 42,अडानी अहमदाबाद42,इन्फेंट्री 21,दिल्ली 42 करूँगा
अब सबसे पहले हमारे आदरणीय कोच को साष्टांग दंडवत प्रणाम मुझे सही दौड़ना सिखाने के लिए ।कल भी मेरी कोच से बात नही  हो पाई गले लगकर रो ही पाया मुझे मेरे कामरेड नही करने का उतना दुख नही है उससे ज्यादा मुझे कोच की प्रॉपर ट्रेनिंग के बाद फैल होने का है।मुझे पता है कि वो भी बहुत दुखी है मै उनसे वादा कर रहा हु की में 2026 में जरूर मेडल लाऊंगा कामरेड का।
विजय सोहनी जी,विवेक सिंघल जी,आशुतोष व्यास, ब्रजभूषण शुक्ल,अम्ब्वेश राजपूत, अवनीश शर्मा,सपना सोजतिया मैडम,शिखा शर्मा,सुरेश लाहोटी जी,नीरज याग्निक भैया,के के खंडेलवाल जी,निर्मल जैन जी,कुलदीप सोनी,विनोद पंजाबी,मिंडा जी,आशुतोष भागवत जी,मस्तानसिंघ राजपूत जी डॉ प्रवीण अग्रवाल जी,डॉ टुटेजा जी,डॉ संदीप जुल्का जी,डॉ भारत रावत जी भास्कर रावत जी ब्रिगेडियर देसाई सर
कितने साथियों का नाम लिखूं ।सब मान ले कि मैंने पूरी इंदौर की फिटनेस कम्युनिटी का नाम लिख दिया है।
सबसे ऊपर मेरी बेटी डॉ मेघना व्यास और मेरी वाइफ डॉ हेमा व्यास के बगैर तो मै कुछ भी नही कर पाता हेमा ने कभी भी 12 साल में कभी नही टोका है मै बहुत भाग्यशाली हु।
ब्लॉग बहुत लंबा हो गया है परंतु ये जानकारी सभी तक पहुँचानी जरूरी थी और मुझे भी याद रहे कि मैंने क्या गलतियां की थी 
Garmin का वाक्य याद रखना चाहिए beat the yesterday

Tuesday, May 13, 2025

49 th full marathon

मेरी 49 th फुल मैराथन।
इस मैराथन के लिए मैंने व्यवस्थित रूप से ट्रेनिंग ली आदरणीय राजेश पोरवाल जी से 1 अगस्त 2024 से ट्रेनिंग ले रहा था ।हमारी तैयारी 4.40 घण्टे में 42 km रन करवाने की करवाई थी ।कामरेड क्वालीफाई के लिए 4.50 घण्टे में 42 km रन करना होता है परंतु इस बार कामरेड मैराथन वालो ने कट ऑफ बढ़ा दिया।हम भाग्यशाली है।
ट्रेनिंग बढिया चल रही थी हमारी तिकडी मस्तानसिंघ राजपूत जी,देवराज जी पाटीदार और मैं नियमित रूप से मलहराश्रम दौड़ रहे थे।
मैराथन के पहले 20 से 25 दिन पूर्व  tapering करते है कि बॉडी को आराम मिल जाये और  फ्रेश बॉडी लेकर इवेंट में उतरे परंतु किस्मत में कुछ अलग ही लिखा था।
25 दिन पूर्व मुझे हील पेन होने लगा ।उस दिन में डॉ अमित बंग के साथ दौड़ रहा था 13 km दौड़ना था दौड़ तो लिया परंतु बाद में limping  होने लगी ,चलने में लड़खड़ाहट होने लगी हमारे साइकिलिस्ट के के खण्डेलवाल जी ने भी नोटिस किया और फिर पोरवाल जी ने भी देखा ।मुझे आराम की सलाह दी 14 दिन ।पूर्ण आराम किया ,मालिश करवाई जिंदगी में पहली बार प्रोफेशनल व्यक्ति से ।फिजियोथेरेपी भी करवाई मोहित मदान से ।
26 जनवरी को सुपरचार्जर की रन होती है हर वर्ष गांधी हाल से पलासिया ।उस दिन BSF के कार्यक्रम को जॉइन किया था वहाँ 500 मीटर ही दौड़ा था ।फिर गांधी हॉल यह सोचकर गया था कि 7 km तो दौड़ लूंगा परंतु डेढ़ किलोमीटर करने के बाद ही छोड़ दिया ।
2 feb की रात को 3 बजे से दौड़ना था।हम लोग विश्वास शाह,मस्तानसिंघ जी,सुनील तिवारी जी,बॉबी छाबड़ा जी देवराज पाटीदार जी 31 को ही जयपुर पहुच गए थे ।
1 की रात को 3 बजे से दौड़ना था।
ट्रैन से गए थे खूब मजा किया हम लोगो ने यादगार यात्रा थी हम लोगो की
शाम को जल्दी खाना खा लिया था।कुछ घण्टे सो पाए 2 बजे तो होटल से निकल  गए 
जोश ऐसा था कि देवराज जी राजपूत जी और मै खूब थिरके ढोल की थाप पर स्टार्ट के पहले।
3 बजे शार्प दौड़ चालू हुई ।मेरा टारगेट पहला 21 km 2 घण्टे 20 में करना था और मैंने 2 घण्टे 22 मिनट में कर लिया था
शुरू के 1 km के बाद ही हील पैन होने लगा मैंने पाटीदार जी को कहा कि आप निकलिए।फिर 3 से 4 km पर देखा तो मेरा पेस 6.20 से 6.30 चल रहा है।
18 km तक तो अच्छा पेस रहा फिर राइट पैर में क्रेम्प आने जैसा होने लगा उसके बाद कम से कम 12 km तक हर 200 मीटर पर 20 से 25 सेकंड का वाक करना पड़ रहा था।जब 32 km पर पहुँचा तो दर्द बन्द हो गया था शायद पल्स टॉफ़ी का असर था।रूट पर वालंटियर्स नही के बराबर थे ।मोटीवेट करने वाले तो कोई भी नही थे 700से 800 मीटर तक कोई रनर नही दिख रहा था।
बहुत जगह पानी की बोतल का स्टैंड था और कोई वालंटियर्स नही ।बहुत बेकार aarangement था।क्यो करवाते है 42 km जब आपके पास वालंटियर्स न हो।
32 के बाद उम्मीद बंधी सुबह 7 बज गयी थी दिन निकल गया था ।बॉडी थक गई थी।कोई उत्साह नही था मैंने सोच लिया था कि 5 घण्टे में नही हो पायेगा ।
3 से 4 रनर ने टोक भी दिया कि नही होगा 5 घण्टे में ,मैंने इग्नोर किया और दौड़ता रहा आखिरी 5 km के लिए 40 min बच रहे थे
मैंने 14 जेल लिए ।जेल ने ही मुझे बचाया कही भी केले नही मिले
आखिरी 2 km 6.30 और 6.25 के पेस में दौड़ा और 4 घण्टे 57 min में रेस पूरी कर ली देवराज जी 17 सेकंड पहले ही पहुचे थे ।
जब 4 km बचे थे ये तो समझ मे आ गया था कि 5 घण्टे में 42 नही कर सकते है तो कामरेड क्या होगा फिर भी आखिर में जोर लगाया कि क्वालीफाई तो हो जाये ।एक ऑप्शन तो खुला रहेगा और दूसरा 20 दिन बाद दिल्ली नही दौड़ना चाहता इसीलिये आखिरी 10 km तेज किया।रेस खत्म होते ही देवराज जी और मैंने फ़ोटो खिंचाये और फिर 100 मीटर बाद ही जबरदस्त क्रेम्प आये मेरे दोनों पैरों में ,वो दिन कभी नही भूल सकता हु देवराज जी ने मुझे सहारा देकर बिठाया और मेरी बहुत मदद की ।10 min बाद थोड़ी रिकवरी हुई क्रेम्प से जल्दी से मैडल लिया और हमे ट्रैन पकड़नी थी ।होटल में भी देवराजजी मेरा सामान नीचे लेकर आये।राजपूत जी कॉमरेड के लिए क्वालीफाई नही हो पाए हम चारो को बहुत बुरा लगा।
ट्रैन में ही मैंने निर्णय ले लिया कि मैं कामरेड नही करूँगा क्योकि अच्छा प्रदर्शन नही कर पाया।
मुझे विश्वास शाह जी ने कहा कि 30%चांस भी हो तो कोशिश तो करनी चाहिए फिर देवराज जी ने कहा कि कल सर का मूड बदल जायेगा और अगले दिन सुबह उठा तो सही में मूड बदल गया कि इंजरी के बाद भी 5 घण्टे में कर पाया ये कोई छोटी बात नही है ।अभी 4 माह है प्रैक्टिस करेंगे सब अच्छा होगा।
ब्लॉग लिखने का मकसद एक ही है कि यादों को संजोना और अपनी गलतियों को स्वीकारना ।शायद ये ब्लॉग किसी के काम आ जाये ।



Wednesday, May 7, 2025

50 फुल मैराथन 62 yrs

50 वी फुल मैराथन 62वर्ष की उम्र में
डॉ योगेन्द्र व्यास जो पेशे से चाइल्ड स्पेशलिस्ट है 30 वर्षो से जवाहर मार्ग पर हॉस्पिटल है।
2013 के पहले सिर्फ स्विमिंग करते थे महू नाका स्विमिंग पूल में 300 मीटर रोज ठंड गर्मी कोई भी मौसम हो
2013 में अपने सीनियर डॉ प्रवर पासी ,डॉ संग्रामसिंह,डॉ अरुण अग्रवाल को देखकर मन हुआ कि 42 km रन करना चाहिए ।उस समय इंदौर में मैराथन नही होती थी 21 और 42 दोनों ही।
पहली बार दौड़ना हो मुम्बई मैराथन में  तो उसके लिए 21km की रन 2 घण्टे 45 मिनट का सर्टिफिकेट चाहिए रहता है ।इंदौर में कोई इवेंट नही थी तो चैरिटी बिब 7000 में खरीदा था 2014 कि मुम्बई मैराथन के लिए ।
वैसे तो 42 km रन करने के लिए 32 km ही दौड़ना होता है प्रैक्टिस रन में ।
मेरे जिगरी दोस्त ने एक बार ऐसे ही कह दिया कि एक बार 42 तो रन कर लेना चाहिए ।
मैंने फिर हर रविवार 42 km रन की 5 सप्ताह तक और छठे रविवार मुम्बई मैराथन दौड़ा ।
6 सप्ताह में 6 फुल मैराथन ।इंजरी तो होना ही थी 3 माह एडी में सूजन रही ।
फिर लोगो को प्रेरित करने के लिए हर माह 42 km रन करना शुरू की 
करीब 10 से 12 मैराथन की हर माह ।
8 बार मुम्बई मैराथन में 42 km रन की 
सिंगापुर मैराथन 2015 में की
बैंगलोर अल्ट्रा 50 km रन की 2015 में ही 
5 बार 12 घण्टे की अल्ट्रा मैराथन की है।सुबह 6 से शाम को 6 बजे तक नॉनस्टॉप दौड़ना
पहली 12 घण्टे की रन 2017 में मुंबई में शिवाजी क्लब की और से हुई थी वो पहले सुदर्शन वर्मा जी कर चुके थे।
मैंने दिनेश सुलेजी,प्रवर पासी जी के साथ और मिलिंद सोमन के साथ 12 घण्टे की रन की
उसके बाद 4 बार इंदौर में ही तिरंगा स्टेडियम रन 4 बार की 
अभी में कामरेड मैराथन की तैयारी कर रहा हु 8 जून 2025 को सेंट पिटरमारीज़बर्ग से डर्बन तक की 90 km की रन 12 घण्टे में करना है।
98 वर्ष पुरानी मैराथन है कामरेड  मैराथन
2013 में इंदौर सुपरचार्जर ग्रुप बनाया की लोग स्वस्थ हो और वर्कआउट करे ।
मुझे अस्थमा था वो रनिंग से पूर्ण खत्म हो गया है।2017 से इंदौर सुपरचार्जर सोसाइटी बना कर इवेंट करवाना शुरू कर दिया 
अभी साल में 4 इवेंट होती है सुपरचार्जर की 
200,300,400,600 km साइकिलिंग कर चुका हूं ।स्विमिंग का बहुत शौक है एक बार मे 4 km स्विमिंग भी कर चुका हूं
ये सब बाते बताती है कि आप 50 की उम्र में भी फिटनेस की दुनिया मे आकर अपना जीवन बदल सकते हो 
सभी को प्रतिदिन वर्कआउट करना ही चाहिए।
सामान्यतः 10000 कदम मतलब 7 km वाक तो करना ही चाहिए।
पूर्ण फिट रहने के लिए कार्डियो वर्कआउट,योगा, मेडिटेशन, वेट लिफ्टिंग सभी करना होगी 
किसी एक व्यायाम से सब कुछ नही मिलेगा
दिल के लिए 150 min का कार्डियो 7 में कर ले तो पर्याप्त होगा ।साथ मे वेट लिफ्टिंग भी करना होगी ।
क्योकि ओल्ड एज में 40 वर्ष के बाद हर 10 वर्ष में 6 से 8%muscle loss होती है मतलब 70 वर्ष तक आपकी 25%मसल्स मर जाती है इसीलिए जमीन पर बैठने के बाद उठ नही पाते है।कमजोर मसल्स के कारण हड्डियां शरीर का भार नही उठा पाती है और कूल्हे के फ्रैक्चर हो जाते है इसीलिए सभी 50 प्लस वालो को स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करनी चाहिए।
350 से ज्यादा हाफ मैराथन की है मैंने
3000 km हर वर्ष दौड़ते है 
250 km प्रति माह

Saturday, May 3, 2025

comrade practice run 58 km

कल रात को साढ़े 10 बजे से सुबह साढ़े 7 बजे तक रन की 
58 km
इसमे सभी साथियों का योगदान रहा ।कुलदीप सोनी जी रात को 2 घण्टे हमारी रनिंग के दौरान साईकल चला कर हमें मोटीवेट करते रहे सुबह 5 बजे वापस आ गए साढ़े 7 तक रहे ।बहुत बहुत धन्यवाद कुलदीप जी 
फिर 11 बजे विनोद पंजाबी जी आ गए उन्होंने 8 km रन की हमारे साथ
साढ़े 12 बजे मस्तान सिंह राजपूत जी आ गए और सुबह साढ़े 7 बजे तक हम सबका साथ निभाया ।बहुत बहुत धन्यवाद राजपूत जी
सुनील तिवारी जी और बॉबी छाबड़ा जी को पितृ पर्वत दौड़ना था फिर भी हमारा उत्साह बढ़ाने आये
संजय सिंह चौहान जी और दीपक नायडू जी रात को 3 बजे आ गए और सुबह तक साथ दिया।
यह में इसलिए लिख रहा हु की साढ़े 7 km के लूप में हम कई बार बोर हो जा रहे थे ।
दोस्तो के आने से जोश बढ़ जाता है
आशुतोष भागवत जी
हमारे कोच आदरणीय पोरवाल जी 
आशुतोष व्यास
अम्वेश राजपूत
रमेश परिहार जी
मनीष मिंडा जी
के के खंडेलवाल जी
सत्येंद्र शर्मा जी 
महेंद्र शर्मा जी
घनश्याम वर्मा जी 
योगेश जगवानी जी
ने हमे पूरा साथ दिया 
ये रनिंग का मजा है सभी आपसे मानसिक रूप से जुड़ जाते है 
ये भी जिंदगी की एक कमाई है।आज विश्वास शाह जी और देवराज जी ने बहुत बढ़िया प्रदर्शन किया
मुझे तो एक ख़ौफ़ था कि में 9 घण्टे फील्ड पर रह सकता हु या नही 
अगर देवराज जी का साथ न होता तो आज भी छोड़ सकता था उन्होंने बार बार घूम कर आते थे और मुझे साथ दे रहे थे
5 से 6 घण्टे वाक की मैने
60 का टारगेट था 58 हो गयी ।में खुश हूं कि में 9 घण्टे रह पाया फील्ड पर रात को 9 बजे सोने वाले को 9 घण्टे रन वाक करवा दो तो क्या होगा
मेरी बेटी और मेरी वाइफ हेमा रात को भी छोड़ने आयी और सुबह लेने भी आ गयी बगैर फैमिली सपोर्ट हम ये इवेंट कर ही नही सकते थे

Tuesday, April 8, 2025

सतारा मैराथन क्यो क्विट की

जय श्रीरामजी की दोस्तो ये ब्लॉग मै कोई एक्सप्लेनेशन देने के लिए नही लिख रहा हूँ।कभी कभी परिस्थितिया ऐसी बन जाती है कि आपको कड़े निर्णय करने पड़ते है ।हमे सतारा में कामरेड के लिए ट्रेनिंग रन करनी थी हम सब लोगो का एक ही लक्ष्य था कि समय चाहे जितना लगे हम ऐसे इंजरी फ्री करेंगे जैसा कि हमे हमारे कोच राजेश पोरवाल जी ने कहा था ।
विश्वास शाह जी,सुनील तिवारी जी,बॉबी छाबड़ा जी और देवराज पाटीदार जी हम 5 लोग थे ।हम सब सुबह रूट रेकी करके आ गए थे ।रोड एकदम बढिया है ।शाम को 6 बजे आलू,दाल चावल का बढ़िया डिनर किया ।रात को साढ़े 10 बजे वापस पीनट बटर जेम के साथ ब्रेड ली ।
12 बजे दौड़ चालू हो गयी ।मै और देवराज जी स्लो रन स्टार्ट करते है।3 km तक सारे रनर जो कि 65 थे सब निकल गए ।हम दोनों लास्ट मेन थे ।3 km पर मेरे पैर में लचक हुई और बहुत तेज दर्द हुआ मैंने 1-2 मिनट रुककर स्ट्रेचिंग की थोड़ा ठीक लगा ।तो दौड़ने लगे हल्के दर्द में भी ये ही गलती थी मुझे 15 मिनट रुक जाना था।देवराज जी को में पीछा कर रहा था तो मेरा नेचुरल पेस खत्म हो गया ।हेडलाइट भी distract कर रही थी बैकपैक भी बार बार स्लिप हो रहा था ।3 km से 7 km तक 4 km में 650 मीटर से 1000 मीटर का एलिवेशन था ।
4 km में 350 से 400 मीटर का एलिवेशन बहुत ज्यादा होता है कामरेड में 26 km में 300 मीटर का एलिवेशन होता है।
3 km से 14.5 km डोंगर माथा  तक एम्बुलेंस साथ साथ चल रही थी ।तो काफी अच्छा लग रहा था ।
65 रनर्स के लिए 3 बड़ी और 2 छोटी एम्बुलेंस थी ।उनकी व्यवस्था बहुत अच्छी थी ।फारेस्ट एरिया है इसलिए लाइट नही लगा सकते है ढोल डी जे नही बजा सकते है।कुछ होटल पर हेलोजन लगाए थे ।हेडलाइट के साथ दौड़ना बहुत मुश्किल था।15 से 19 km तक मे अकेला था कोई नही था मेरे आसपास और रात्रि के 3 बज रहे थे।एक कठिन फैसला लेने में 30 से 40 मिनट लगे ।सारे फायदे नुकसान सोचे।सब लोग दौड़ रहे है तो तुम क्यो क्विट करने की सोच रहे हो।
अंधेरे गुप्प रास्ते मे सिर्फ हेडलाइट का 2 मीटर का सर्किल ही दिख रहा था ।लास्ट रनर था तो दुखी तो थे ही कि हम इस लायक नही है कि कामरेड करे ।फिर पॉजिटिव थॉट्स भी आये की कामरेड में दिन में दौड़ना है।वहाँ 24000 लोग दौड़ेंगे वहाँ अकेला नही दौड़ना होगा ।90 km में 50000 लोग मोटीवेट करने वाले होंगे ।
Hallucination जैसा होने लगा एक दो बार रास्ते से नीचे कच्चे में उतर गया ।पैर लड़खड़ा रहे थे और ओरिएंटेशन कम हो रहा था ।
रनर्स को टाइम,प्लेस,और पर्सन का ओरिएंटेशन न हो तो उसे क्विट करना चाहिए ।आपको मालूम होना चाहिए कि समय क्या है आप किस जगह रन कर रहे हो और आपके आसपास कौन है ।
इतनी ऊहापोह के बाद लगा कि अगर यहाँ किसी जानवर ने अटैक कर दिया या कही टकराकर बेहोश हो गए या हेड इंजरी हो गयी तो क्या करेंगे।
मेरा नेचुरल रनिंग नही हो रहा था 19 km पर जाकर कहा कि मैं छोड़ रहा हु  ।वही पर मेरे जोड़ीदार देवराज जी मिल गए उन्होंने कहा कि मैं आपके साथ दौडूंगा आप छोड़ो मत ।परंतु में अपना फैसला ले चुका था उन्हें शुभकामनाएं दी और होटल पर चला गया।
मुझे अच्छा नही लग रहा है तो उन्होंने वही एक होटल में रात को 3 से 7 आराम करवा दिया।
7 बजे वापस वालंटियर्स से कहा कि मुझे मेरी होटल छोड़ सकते हो क्या तो उन्होंने कहा कि आप 9 बजे तक आराम करे जब इवेंट खत्म होगी तो साथ मे चलेंगे ।9 km बचे थे वहां से तो सोचा कि अब तो डाउनहिल है रन वाक कर लेंगे।
500 मीटर जोग करने पर दर्द होने लगा तो वापस 3 km वॉक किया ।फिर दर्द बढ़ रहा था तो एक बाइक वाले से लिफ्ट लेकर नीचे पहुँचा।
कभी कभी आपका दिन नही होता है परफॉर्मेंस का।
ग्राउंड पर जाकर सभी दोस्तों से मिला सभी ने 55 km रन कर ली थी सभी को बधाई दी ।
रन छोड़ने का फायदा ये हुआ कि आज पोरवाल जी ने 4 या 5 मील रन का कहा था तो 4 मिल रन कर ली बगैर दर्द के देवराज जी से कहा कि आखिरी km तेज दौड़ लू क्या तो उन्होनें हाँ कहा तो 5.45 के पेस में बगैर दर्द के दौड़ लिया उसके बाद 1 घण्टे की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी कर ली।
ये ब्लॉग सिर्फ इसलिए लिखा कि कभी कभी आपको परिस्थितियों के हिसाब से निर्णय लेने होते है।मै अगर जिद कर के 35 km और दौड़ लेता तो इंजरी बढ़ भी सकती थी ।
हम फिटनेस में जान देने के लिए नही आये है ।अगर आप कम्फ़र्टेबल फील न करे तो क्विट करने में कोई बुराई नही होती है।
अब कम से कम इंजरी फ्री हू तो कामरेड के दरवाजे खुले हुए है ।
पिछले शनि को 17और अगले दिन 34 रन कर चुका हूं बगैर इंजरी के।
सभी शुभचिंतकों को शॉक लगा था तो सोचा कि अपना एक ब्लॉग बनाकर सभी को बता दूँ।
49 फुल मैराथन ऐसे ही नही की है।जब अति हो जाये तब ही क्विट करना चाहिए।
मुझे जो सही लगा वो मैंने किया।
इतना बड़ा ब्लॉग पढ़ने के लिए धन्यवाद।

Thursday, January 2, 2025

कूल डाउन का महत्व

आदरणीय राजेश पोरवालजी मेरे    बहुत अच्छे मित्र और मेंटर है ।1 अगस्त को मैं उनके अंडर ही ट्रेनिंग ले रहा हु।करीब 5 माह हो गए है।कभी भी रनिंग में इतना मजा नही आया जो अभी आ रहा है उसका कारण पोरवालजी की ट्रेनिंग ही है।
पहले हम too early too fast करके injured हो जाते थे अब स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग ले रहे है कोई होशियारी नही जितना कहा उससे 100 मीटर भी ज्यादा वर्कआउट नही किया है 5 माह में ।हमने कभी सोचा भी नही था कि 13 km का टेम्पो रन हम 6.25 से 6.30 में कर पाएंगे।
वो भी 144 की hr पर जोन 4 में 28%
वाह गुरुदेव।
ये ब्लॉग सिर्फ इसलिए लिख रहा हु की जो गलतियां हमने की वो दूसरा न करे।
पहले में खुद ही कहता था कि दौड़ में क्या सीखना है ।ग्राउंड में आओ या सड़क पर आओ और दौड़ो परंतु अब लगता है कि आपको अच्छा रनर बनना है तो व्यवस्थित ट्रेनिंग लेना चाहिए।
साधारण फिटनेस के लिए 20 मिनट रन ही काफी है।
आजकल हमारा कूल डाउन 1 घण्टे का होता है किसी को भी आश्चर्य होगा कि 1 घण्टे क्या करते हो ।
कूल डाउन 1 मील का होता है हमारा ।
10 के पेस से भी करे तो 20 मिनट में हो जाना चाहिए परंतु हम मलहरश्रम के 4 राउंड लगाते हुए 
10-10 के lunges के 3 सेट लगाते है
10-10 के glute ब्रिज के 3 सेट
10-10 के फुल squat के 3 सेट
Toe raise
Heel raise
Stepping
Knee kick 
Butt kick
ब्रिस्क वाक 
जैसी बहुत सी एक्सरसाइज कर लेते है उसके बाद स्ट्रेचिंग करते हुए प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट शेक पीते है।
कहने का मतलब ये है कि वार्म अप और कूल डाउन को प्रॉपर करे तो दिन भर दर्द नही होगा शरीर मे।
ग्राउंड का दर्द ग्राउंड में ही छोड़कर जाए।
सुबह 5 से 8 रोज हम ग्राउंड में रहते है।बुध और शुक्र को आराम    रहता है पहले gym जाता था साइक्लिंग भी करता था परंतु अब शरीर को ज्यादा कष्ट नही देते है।
5 माह से लगातार दौड़ने से इंजरी का खतरा होता है इसलिए  देवराज पाटीदार जी की भाषा मे घर पर भी घुटने की देखरेख करते है यानी भैया दादा करते है ।
हमारा शेक का फार्मूला
300 ml मिल्क
1 केला
2 चम्मच रोस्टेड चने का पाउडर उसमे बादाम और मूंगफली के दाने भी
2 चम्मच चिया सीड
4 खजूर
2 अंजीर
आदरणीय राजेश पोरवालजी मेरे    बहुत अच्छे मित्र और मेंटर है ।1 अगस्त को मैं उनके अंडर ही ट्रेनिंग ले रहा हु।करीब 5 माह हो गए है।कभी भी रनिंग में इतना मजा नही आया जो अभी आ रहा है उसका कारण पोरवालजी की ट्रेनिंग ही है।
पहले हम too early too fast करके injured हो जाते थे अब स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग ले रहे है कोई होशियारी नही जितना कहा उससे 100 मीटर भी ज्यादा वर्कआउट नही किया है 5 माह में ।हमने कभी सोचा भी नही था कि 13 km का टेम्पो रन हम 6.25 से 6.30 में कर पाएंगे।
वो भी 144 की hr पर जोन 4 में 28%
वाह गुरुदेव।
ये ब्लॉग सिर्फ इसलिए लिख रहा हु की जो गलतियां हमने की वो दूसरा न करे।
पहले में खुद ही कहता था कि दौड़ में क्या सीखना है ।ग्राउंड में आओ या सड़क पर आओ और दौड़ो परंतु अब लगता है कि आपको अच्छा रनर बनना है तो व्यवस्थित ट्रेनिंग लेना चाहिए।
साधारण फिटनेस के लिए 20 मिनट रन ही काफी है।
आजकल हमारा कूल डाउन 1 घण्टे का होता है किसी को भी आश्चर्य होगा कि 1 घण्टे क्या करते हो ।
कूल डाउन 1 मील का होता है हमारा ।
10 के पेस से भी करे तो 20 मिनट में हो जाना चाहिए परंतु हम मलहरश्रम के 4 राउंड लगाते हुए 
10-10 के lunges के 3 सेट लगाते है
10-10 के glute ब्रिज के 3 सेट
10-10 के फुल squat के 3 सेट
Toe raise
Heel raise
Stepping
Knee kick 
Butt kick
ब्रिस्क वाक 
जैसी बहुत सी एक्सरसाइज कर लेते है उसके बाद स्ट्रेचिंग करते हुए प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट शेक पीते है।
कहने का मतलब ये है कि वार्म अप और कूल डाउन को प्रॉपर करे तो दिन भर दर्द नही होगा शरीर मे।
ग्राउंड का दर्द ग्राउंड में ही छोड़कर जाए।
सुबह 5 से 8 रोज हम ग्राउंड में रहते है।बुध और शुक्र को आराम    रहता है पहले gym जाता था साइक्लिंग भी करता था परंतु अब शरीर को ज्यादा कष्ट नही देते है।
5 माह से लगातार दौड़ने से इंजरी का खतरा होता है इसलिए  देवराज पाटीदार जी की भाषा मे घर पर भी घुटने की देखरेख करते है यानी भैया दादा करते है ।
हमारा शेक का फार्मूला
300 ml मिल्क
1 केला
2 चम्मच रोस्टेड चने का पाउडर उसमे बादाम और मूंगफली के दाने भी
2 चम्मच चिया सीड
4 खजूर
2 अंजीर
इसमे एक और बात add करना चाहूंगा ।हमारे प्रिय विजय सोहनी जी हमेशा कहते थे कि आप 15 मिनट वर्कआउट भले ही कम करो परंतु कूल डाउन और स्ट्रेचिंग जरूर करो ।
मुझे आज भी याद है जब में 42 km हर माह दौड़ता था  तब एक बार विजय सोहनी जी सुपर कॉरिडोर आये थे मेरे रन खत्म होने पर और कहा की स्ट्रेचिंग करवा देता हूं।मैंने कहा कि 10.30 पर क्लिनिक पहुचना है और स्ट्रेचिंग नही की थी ।बहुत बुरी आदत होती है काफी रनर में    की स्ट्रेचिंग और कूल डाउन को समय नही देना ।लंबे समय रनिंग  करना है तो मेंटेनेन्स तो करना ही  होगा बॉडी का।
उम्मीद है कि इस ब्लॉग से कुछ लोगो को मेरे अनुभव से लाभ होगा