Sunday, November 5, 2017

brm 200 km 5 nov 2017

यह मेरी चौथी brm थी ।पहली बार 2015मे गया था 105 km ही साईकल चला पाया था।जून  में थी मांडव तक ।नीरज याग्निक संग्रामसिंह डॉ टुटेजा प्रवीण पराशर और में सिर्फ 5 लोग गए थे संग्रामसिंह और नीरज भैया ने पूरी की थी।
2015 nov में 13 घण्टे में 200 किया था।
कल 5 nov 2017 को मैंने 10 घंटे 15 मिनट में पूरा किया ।नेट समय 9.37 घण्टा रहा।
मेरी लिए यह परिणाम आश्चर्यजनक था क्योंकि मैंने कभी सोचा भी नही था।क्योंकि मेरे पास firefox road runner की साईकल थी।
सभी ट्रेक से ही brm करते है।
मैंने 2 वर्ष से साइकिलिंग छोड़ ही दी थी बार बार पंक्चर होने के कारण ।इस बार पंक्चर से बचने के लिए नए टायर लगाए ।नए ट्यूब लगाए।
पंक्चर को रोकनेवाली टेप और सीलेंट भी लगवाए।
मुझे पिछले 3 माह से कमर में मोच जैसा दर्द है वाक और रन करने पर बढ़ जाता है ।इसलिए मैंने अक्टूबर में 500 km साइकिलिंग की ।
मैंने अपने लिए टारगेट रखा था कि में 18 की स्पीड में साईकल चलाऊंगा गारमिन वाच  को कही भी पॉज नही करूँगा ।जिससे सही समय मालूम हो सके ।11 घण्टे और 6 मिनट यानी कि 5 बजकर 6 मिनट पर इंदौर पहुचने का प्लान था।
साथ मे ये भी विचार था कि कमर में दर्द बढ़ा तो छोड़ भी दूंगा।
मुझे एक और एक्सपेरिमेंट करना था कि मैं कितनी देर तक साईकल चला सकता हु।जब में मुम्बई अल्ट्रा में 12 घण्टे दौड़ सकता हु तो में साईकल क्यो नही चला सकता ।मेरा ख्याल था कि मेरी firefox ज्यादा तेज तो नही चल सकती ट्रेक की बराबरी में परंतु अगर में लगातार चलाता रहा और रेस्ट नही किया तो अच्छी एवरेज स्पीड बन जाएगी।
कितनी बार हम ज्यादा देर तक रेस्ट करते है और फिर गाड़ी भगाते है वह एक टाइप से इंटरवल ट्रेनिंग जैसा हो जाता है।जिससे मांसपेशियां जल्दी थकती है।इसलिए मे एकदम अपनी बॉडी की आवाज सुनकर ही साइकिलिंग कर रहा था।डाइट का बहुत बड़ा रोल होता है।मेरी एकदिन पहले की और साइकिलिंग के दौरान की डाइट निम्न थी

मेरी डाइट रात को 4 रोटी
सब्जी
दही
एक प्लेट साबूदाना खिचड़ी
सुबह 200 gm साबूदाना खिचड़ी
अपने साथ 3बोतल छाछ सेन्दा नमक शक्कर के साथ
4 केले
4 चिक्की की पट्टी
एक कॉफ़ी
8 पल्स टॉफ़ी
2 नारियल पानी नीरज भैया के सौजन्य से
एक डेरी मिल्क आशुतोष शर्मा ने dodi में दी
sol treat में बताया कि खाना तैयार नही है।में कम्फ़र्टेबल था।और 2 वर्ष पुराना मेरा अनुभव भी था कि खाने के बाद सुस्ती आती है।नीरज भैया भी खाना नही खाते है।मेरे हिसाब से मैंने भरपूर खाया
मेरा साबूदाना की खिचड़ी का प्रयोग सफल रहा ।उसके कारण मुझे डोडी तक भूख नही लगी।मैंने 3 चिक्की और दही सेन्दा नमक शक्कर के घोल के साथ 107 km हो गया।डोडी में आशुतोष शर्मा ने मुझे डेरी मिल्क दी और 2 केले खाये।
सोल ट्रीट में एंट्री करवाई मैंने सोचा थोड़े से दाल चावल खा लूंगा परंतु वहाँ पर बताया कि समय लगेगा।
मेरे विचार से सभी को खाना कम से कम खाना चाहिए क्योंकि खाना आपने ज्यादा खा लिया तो आपको सुस्ती आएगी और आप के शरीर का ज्यादा ब्लड खाने को डाइजेस्ट करने के लिए जाएगा और मांसपेशियो को कम ब्लड मिलेगा।पानी की एक बोतल ली और में निकल गया ।20.7 की एवरेज स्पीड चल रही थी ।मेरे मन मे लालच आने लगा कि भले ही स्लो चले परंतु एक जैसी स्पीड से चलेंगे तो 5 घण्टे में डोडी पहुचे 6 घण्टे में तो इंदौर पहुच ही जायेंगे।मतलब की साढ़े 13 घण्टे की बजाय 11 घण्टे में संभव है।70 km बाद ही मेरे लेफ्ट knee में दर्द चालू हो गया था।जैसे ही पानी और सेन्दा नमक लेता दर्द कम हो जाता।मन मे दुविधा भी थी कि कही वापस itb या इलियो टिबियल दर्द न चालू हो जाये।सोनकच्छ के बाद एक जगह रुक कर कॉफ़ी पी।और चिक्की खाई ।हर 10 km पर पल्स टॉफ़ी खा रहा था 100 km के बाद जिससे नमक की कमी न हो ।पल्स टॉफ़ी में अच्छा खासा नमक होता है।
एक और नया अनुभव किया मैंने मेरी बेटी ने स्विमिंग कम्पटीशन में कॉफ़ी पाउडर डायरेक्ट लिया था ।
कड़वा काफी होता है परंतु उसका फायदा ये होता है कि आपको रुकना नही पड़ता है।बाद में कड़वाहट दूर करने के लिए एक 5 स्टार बार खाई।
110 km सोल ट्रीट के बाद सिर्फ में ही अकेला साइकिलिस्ट था क्योकि सभी खाना खाने रुके थे।110 से 200 km तक सोलो राइड की ।सिर्फ 5 km 175 से 180 km तक नीरज भैया के साथ राइड की।
सोलो राइड का फायदा यह रहता है कि आपको अपने आप से बात करना होती है।कोई नेगेटिव थॉट नही होते है।जब आप बातचीत करते हुए राइड करते हो तो आप धीमे हो जाते हो।फिर को राइडर को देख कर तेज भी राइड कर लेते हो।
मेरा सोचना है कि साथ मिल जाये तो अच्छा परंतु साथ न मिले तो और अच्छा ।आप अपनी स्पीड से चलते हो जो आप को कम्फ़र्टेबल लगती है।
150 km जब मेरे हो गए और 20 की एवरेज स्पीड चल रही थी।तो मैने एक ही बात सोची की अब ढाई घण्टे और साईकल चलाना है।डेढ़ बजे के आसपास मैने 150 km कर लिए थे।जब नीरज भाई क्रॉस हुए फिर उनकी गाड़ी पिछे आ रही थी राजेश भाई ने पानी का पूछा।मैंने न किया बाद में बताया कि नारियल पानी है मैंने कहा जरूर लूंगा ।2 नारियल पानी लिए ।धन्यवाद नीरज भाई और राजेश जी को।
4.15 am पर बंगाली चौराहे पहुचा तो अजय झांग जी ने वेलकम किया।बहुत अच्छा लगा।साइकिलिंग और रनिंग से मुझे बहुत अच्छे अच्छे दोस्त मिले है ।अजय जी उनमे से एक है।
एटीएम की पर्ची निकाल कर जमा कराई।
मैंने 2 कप चाय पी।फिर सोचा कि साईकल डॉ जितेंद्र बरनिया जी के यहाँ रख कर घर चला जाऊंगा हेमा के साथ कार में ।सुबह भी साईकल से ही आया था बंगाली चौराहा।
थोड़ी देर बाद मुझे अच्छा लगने लगा तो में 10 km साइकिलिंग करके घर पहुचा।रास्ते मे 2 गिलास गन्ने का रस लिया।पानी पतासे भी खाए।एक बोतल सादा पानी पी गया।
5 लीटर पानी लगा मुझे ।घर आकर वजन देखा तो 70.7 था ।यूरिन एक बार ही हुई थी ।सुबह से 1 किलो वजन कम था।रीनल फेलियर का डर होता है यूरिन न हो तो 12 घण्टे की साइकिलिंग में।
साइकिलिंग शार्ट के अंडर अंडरवियर पहनना या नही इस पर confusion था।audax की वेबसाइट पर बताया कि अंडर गारमेंट नही पहनना चाहिए साइकिलिंग शार्ट के अन्दर ।यह मे इसलिए लिख रहा हु की काफी साइकिलिस्ट कंफ्यूज रहते है।ग्रोइन एरिया और perianal एरिया पर वेसिलीन जरूर लगाएं chaffing नही होगी।
घर आकर नहा कर प्रोटीन 10 gm 200 ml दूध में लिया।2 रोटी और सब्जी और दाल चावल खाये एक प्लेट।फिर 9 बजे सो गया ।2 बजे रात को भूख लगी 2 रोटी खाई।
और 2 ब्रेड दूध में ली।5 बजे नींद में 2 पराठे खाये ।8 बजे और 10 बजे एक एक प्लेट पोहा खाया।
काफी बड़ा हो गया है ब्लॉग।
विशाल मुदगल जी ने डाइट का पूछा था।सामान्यतः यदि 40 km साइकिलिंग या 10 km या 21 दौड़ते है तो विशेष नास्ते की जरूरत नही होती है ।क्योंकि आपकी बॉडी में 1500 cal के बराबर का ग्लाइकोजन स्टोर रहता है।में एक ब्लैक कॉफी या एक केला खाकर चला जाता हूं।जब बड़ा वर्कआउट करना हो तो ज्यादा से ज्यादा खाकर जाना चाहिए मैंने रात को और सुबह साबूदाने की खिचड़ी 200 -200खाई थी जिससे डोडी 100 km साइकिलिंग तक भूख नही लगी।
धन्यवाद सभी दोस्तों को साथ देने के लिए साइकिलिंग में।
उम्मीद है ब्लॉग से सभी को फायदा होगा।

Tuesday, October 10, 2017

my first 70.3 triathlon

मैंने एक सपना देखा था कि कभी मै भी डॉ रजनीश कुटुम्बले जी और हेमंत बड़ोदिया की तरह 8 से 9 घण्टे तक का वर्कआउट करूँगा जिसमें
1.9 km स्विमिंग
90 km साइकिलिंग
21 km रनिंग
करना होता है।यह बहुत कठिन काम होता है ।खाली 90 km साईकल चलाने में ही जान जाती है।
सिर्फ 21 km रन करना हो तो ही लोगो के पसीने छूट जाते है ।
76 लेप्स स्विमिंग 1 घण्टा 21 मिनट नॉन स्टॉप करना भी कोई खेल नही है।
यह में इसलिए बता रहा हू की मेन्टल tuffness का बहुत बड़ा रोल है।
2 oct 2017 को iim की उड़ान रेस के बाद मैंने सोचा था कि मै आराम करूँगा कम से कम 10 दिन 4 oct से 14 oct तक जिससे मेरी कमर में लेफ्ट साइड में हल्का सा sprain है वो परेशान कर रहा है 2 माह से।
दिमाग मे बात काफी समय से थी कि करना है और पहले इंदौर मै ट्रायल करके ही बाहर करूँगा यह भी पक्का था।
डॉ रजनीश जी से वादा किया था कि एक माह में attemt करूँगा।
ट्रायथलन के मेरे मेंटर है डॉ रजनीश जी वो काफी प्लानिंग से ट्रायथलन करते है।
मैने 8 जुलाई को रविवार को पहले सिर्फ 20 km साइकिलिंग का प्लान किया था फिर सोचा कि 20 km में क्या होगा संडे को तो 50 km महू तक साइकिलिंग करूँगा।
ट्रायथलन का मन मे था परंतु पोस्ट नही किया था मेरी आदत है कि पोस्ट डाल दी तो फिर कुछ भी हो जाये करना ही है।
सुबह 4 बजे उठा एक केला खाया 10 बादाम ली और 4.53 बजे सुबह घर से साईकल से निकला।
सिर्फ 600 ml निम्बू पानी था मेरे पास ।सेन्दा नमक भी नही था।
क्योकि मजे में 6 बजे मुझे वर्ल्डकप चौराहे पहुचना था।
वहाँ लोकेश त्रिवेदी जी आने वाले थे उनके साथ महू जाना था।
एक घण्टा में मैने 22 km साइकिलिंग कर ली और 6 बजे में 7 मिनट पहले ही वर्ल्ड कप चौराहे पहुच गया।
लोकेश जी के साथ महू पहुच गया माल रोड के आखिरी कोने पर पहुचा और पानी पीने के लिए रुके तो वाच को pause किया और भूल गया 3 km एक्स्ट्रा साइकिलिंग हो गयी
राऊ आकर पोहे खाये और चाय पी ।60 km हो गए थे अब उम्मीद बंधने लगी थी कि 90 km साइकिलिंग पॉसिबल है।लोकेश जी ने बहुत सपोर्ट किया 72 km महू नाका चौराहे पर हो गया था डर लग रहा था कि एक बार घर पहुच गए कि खेल खत्म ।इसलिए बड़ा गणपति से एयरपोर्ट होते हुए छोटा बांगड़दा पहुचा ।
82 km हो गए थे फिर वापस घर रामचंद्र नगर आया तो 90 km हो गए ।रास्ते मे एक नारियल पानी लिया ।
घर आकर 600 ml पानी मे 2 निम्बू डालकर सेन्दा नमक डाल कर पिया।फिर 200 ml दूध में 10 gm व्हेय प्रोटीन लिया 2 छोटे चम्मच।
2 केले खाये ।
फिर स्विमिंग कॉस्ट्यूम के ऊपर शार्ट पहन कर और टीशर्ट में ही क्लिनिक पहुच गया ।1 घण्टा पेशेंट देखे और 11.45 पर रेजीडेंसी क्लब स्विमिंग के लिए पहुच गया।स्विमिंग बहुत डर डर कर चालू की क्योकि 1.9 km स्विमिंग मैंने पिछले एक डेढ़ वर्ष से नही की है।डर सिर्फ cramp का ही लगता है।50 लेप्स पर ही garmin वाच बता रही थी कि 1.9 km हो गया है जबकि 1.25 km ही हुआ था ।जब मेरा 1.9 km हुआ 76 लेप्स जब garmin वाच ने 2.8km स्विमिंग बताया यह गलत है garmin एक reputated ब्रांड है उसे इसमें सुधार करना चाहिए।
एक बार तो चोर मन ने बोला कि थोड़ी बईमानी कर लो 1.9 km घड़ी के हिसाब से हो गया है।परंतु अच्छे मन ने कहा कि किसको बेवकूफ बनाओगे प्रतियोगिता में garmin नही चलेगी ।खैर ।
मै कभी भी ऐसा नही करूँगा न हो तो चलेगा परन्तु धोखेबाजी अपने आप से कभी नही।
50 लेप्स के बाद 350 ml सेन्दा नमक और निम्बू का पानी लिया ।
जिसका डर था वो आ ही गया cramp 75 लेप्स फिनिश करके पलटा तो लेफ्ट काफ muscle में तेज cramp उठा ।मै घबरा गया फिर अपने आप को संभाला 30 से 60 सेकंड में रिकवर हो गया मन को शांत किया 40 से 50 बार गहरी सांस ली और पैर को ढीला छोड़ दिया।
बाहर निकल कर स्ट्रेचिंग की 500 ml निम्बू पानी लिया 2 केले खाये ।रास्ते मे 2 गिलास गन्ने का रस पिया एक कचोरी खाई घर आकर प्रोटीन 10 gm दूध में 200 ml लिया।
250 gm दही खाया और दाल चावल खाये ।
फिर थोड़ी देर आराम किया ।
cramp के दर्द के कारण 4 बजे में वाक भी नही कर पा रहा था घर मे हेमा ने कहा कि कल सुबह कर लेना 21 k रन ।मैने थोड़ी स्ट्रेचिंग की और इस लायक हो गया कि मलहराश्रम पहुच जाऊ।5.45 शाम को वहाँ पहुच गया।
पिछले दो तीन वर्ष से मलहराश्रम या किसी ग्राउंड में दौड़ नही लगाई है।क्योंकि गोल गोल घूमना मुझे पसंद नही है।
बाहर की तरफ से दौड़ो तो 470 मीटर होता है मलहराश्रम में अंदर की तरफ से 400 मीटर ।लगभग 50 लेप्स लगाना थे ।मैने garmin चालू की ।उसके फ्रंट डिस्प्ले में elevation सेट कर रखा है जिससे टेंशन न हो ।वह एलिवेशन बताता है 572 से 580 मीटर उससे पैनिक नही होते है कि पेस बिगड़ रहा है।में अपनी बॉडी की सुनता हूं आजकल कोई नेगेटिव स्प्लिट नही ।मेरा टारगेट सिर्फ पूरा करना था ।
मैने सुबह साईकल भी चलाई तो समय का कोई टेंशन नही रखा।स्विमिंग में भी बेफ्रिक था।
दौड़ में एक सवाल ये भी था कि बेयरफुट करू या सैंडल पहन कर ।में dynaplast लगा कर दौड़ा मुझे ग्राउंड मक्खन जैसा लगा ।ग्राउंड पर फ्लड लाइट लगी है कोई भी यहाँ रात को भी रन कर सकता है।नेहरू स्टेडियम और अटल ग्राउंड को भी ऐसा बनाना चाहिए।
खैर।
पहले 5 km में पेस 6.30 से 6.50 था।प्रत्येक km पर पेस बता रही थी घड़ी ।15 km के बाद 8 का पेस हो गया मुझे बिल्कुल चिंता नही थी डर यही था कि 9 घण्टे होने आ रहे है और अब cramp आ गए तो समझो गए।
परंतु ऊपर वाले को भी दया आ गयी और मेरा पहला ट्रायल वाला ट्रायथलन हो गया  सभी सुपर चार्जर के दोस्तो के कारण ये संभव हो पाया क्योकि सभी एक से बढ़कर एक धुरंधर है ।सभी साथियो को बहुत बहुत धन्यवाद जिन्होंने मेरा हौसला बढ़ाया।विजय सोहनी जी सुबह मिल गए थे।
आशुतोष व्यास को विशेष धन्यवाद क्योकि मैंने पोस्ट किया था कि cramp के दर्द के कारण आखिरी 21 कर पाऊंगा या नही ।तो आशुतोष ने लिखा था कि सर आप जरूर कर लोगे।ये दो शब्द भी किसी का हौसला बढ़ा सकते है
इतना खुश था मै की हेमा को कहा कि अब में मर सकता हु ।घर पर करवा चौथ की तैय्यारी चल रही थी ।घर आकर दाल चावल खाये और दही खाया 300 gm के आसपास
प्रोटीन व्हेय 10 gm लिया 200 ml दूध में।
रात को 10 बजे सो गया और ढाई बजे उठ कर 3 रोटी खाई ।और फिर सो गया फिर 5 बजे उठकर ब्रेड चाय ली वापस सो गया 7 बजे वापस पोहे खाये।
मैने खाने पीने का विवरण इसीलिए डाला कि वेजीटेरियन खाने के साथ 9 घण्टे का वर्कआउट आप कर सकते हो।
मै अंडे और मीट मटन कुछ नही खाता हूं

आशा है कि सभी को मेरा ब्लॉग पसंद आएगा ।पूरा 100%सच्चाई पर आधारित है ।काफी लोगो को मदद भी मिलेगी ।
कोई भी काम मुश्किल नही है मन मे उसका बीज डाल दो और सोचते रहो उसके बारे में ।वो काम जरूर होगा।
कुछ भी असंभव नही है।
एक बार पुनः अवनीश उपाध्याय जी को धन्यवाद उनके कारण ही ब्लॉग लिखना चालू किया था मैंने

Thursday, August 17, 2017

12 hr mumbai ultra run

मैंने 2015 में बैंगलोर में अल्ट्रा की थी 50 km 9 घंटे में उसके 15 दिन बाद इंदौर में 7.40 hr में वापस 50 km रन किया था।
कामरेड दौड़ने का मन है परन्तु अपने आप को पहले में परखना चाहता था इसलिए अल्ट्रा का फॉर्म भर दिया ।मुंबई अल्ट्रा में बिब या टाइमिंग चिप नहीं होती है जिससे की रनर को कोई टेंशन नहीं रहता है।
अप्रैल में 21 km 21 दिन करने के बाद कुछ आत्मविश्वास आ गया था की अब स्लो पेस में रन कर सकते है। अल्ट्रा के लिए स्लो पेस 9 से 11 के पेस में रन करते आना चाहिए ।जुलाई में 3 बार 2 जुलाई 46 ,16जुलाई 42, 30जुलाई 42km रन किया था प्रैक्टिस में।
काफी आत्मविश्वास था की में कम से कम 70 km करूँगा और मन में 75 km की भी ख्वाहिश थी।
सभी सुपर चार्जर सदस्यों की शुभकामनाओ के साथ हम इंदौर से निकले।
एक दिन पहले दोपहर 3 से 6 के बीच बिब लेने गए शिवाजी पार्क तो हमें समझ में आ गया की मुंबई में दौड़ना आसान नहीं है। खड़े रहने पर ही हम पसीने पसीने हो रहे थे ।तापमान 31 डिग्री था परन्तु फील 38 डिग्री का था humidity के कारण।
मुझे तो ऐसा लग रहा था की 42 भी कर पाएंगे की नहीं।
खेर दिनेश सुले जी को नई garmin वाच दिलवाई क्योकि वहा पर टाइमिंग चिप नहीं है।8 बजे सो गया एक आलू परांठा और दाल चावल खाकर ।सुलेजी ने सिर्फ 2 नाशपाती 2 एप्पल और एक केला खाया।
सुबह 2.15 पर सोकर उठ गए ।हमारी होटल सी लार्ड cst रेलवे स्टेशन के पास है और शिवाजी पार्क 15 km दूर ।4 बजे रिपोर्टिंग टाइम था।
मैंने एक ब्लैक कॉफ़ी और 2 ब्रेड बटर ली। रात में 2 लीटर निम्बू पानी पी गया।
4 बजे शिवाजी पार्क पहुचे। वहा पर डॉ प्रवर पासी जी मिल गए। उनकी सिस्टर और जियाजी अरुण कुमार मिले वो कभी 10 km भी नहीं दौड़े है और अल्ट्रा का फॉर्म भर के दौड़ने आ गए ।मैंने कहा गुरुदेव आपके चरण कहा है। बाद में उन्होंने बताया की वो 12 घंटे वाक की प्रैक्टिस सिर्फ 7 दिन पहले की और 66 km वाक कर चुके है। उनकी इन बातो से मेरा हौसला बड़ा।
वहा पर मिलिंद सोमन और उनकी माँ उषा जी और पूरी pinkathon की टीम थी।
उन्हें मैंने बताया की में आपका फेन हु और बेयरफुट रनर हु। डॉ पासी और मैंने उनसे बातचीत की ।उन्होंने अपने विब्राम शूज बताये नीचे से हील के वहा से फटे हुए थे। वे बेयरफुट ही रन करते है परन्तु जब रोड cemented हो या पथरीला हो तो विब्रम वापरते है। फोटो खीचने से मना किया क्योकि सभी 400 लोग उनके साथ फोटो खिचाने लग जायेंगे।
जब 5 बजने में 5 मिनट बाकी थे तो स्ट्रेचिंग चालू की सबने तो भी मिलिंद सोमन ने कहा की ये 5 या 10 km की स्प्रिंट नहीं है कोई स्ट्रेचिंग की जरुरत नहीं है।
5 बजे दौड़ना चालू किया पेस 10.17 का रखना था 12 घंटे में 70 km करने के लिए।
शुरू में 9 से 9.30 का पेस रहा 21 km तक ।
पहला 21 km बेयरफुट किया फिर मैंने sandal से रन चालू किया और 55 km तक रन किया sandal से आखिरी 11 km मैंने goldstar से रन किया।
एक लूप 11 km का था हर लूप के बाद हमारा वजन चेक कर रहे थे और बी पी चेक कर रहे थे ।पहले लूप में मेरा वजन 74 आया और bp 168 और 100 ।
डॉक्टर्स चिंतित थे। मैंने कहा आप फ़िक्र न करे 29 फुल मैराथन कर चूका हु।
नितेश त्रिवेदी कर के एक रनर मिला उसके टी शर्ट पर shoot the rapist लिखा था ।मुझे याद आ गया की ये वो ही बंदा है पिछले 4 वर्षो से scmm में मुझ से मिल रहा है। दौड़ने के साथ एक अच्छा सन्देश भी।
दीपक जी मिले जिन्होंने 12 घंटे रिवर्स रन किया तिरंगा झंडा लेकर।
जब मेरा तीसरा लूप हुआ तो मैंने सुपर चार्जर में पहली पोस्ट डाली की 33 km हो गया है।
डॉ पासी दिनेश सुले और मैंने 15 km तक 1 km रन 1 km वाक किया। यह स्ट्रेटेजी डॉ पासी की थी ।थोड़े km के बाद पासी जी और सुलेजी आगे निकल गए में अपनी पेस में कर रहा था ।20 km बाद मैंने अपनी अपनी स्ट्रेटेजी पर आ गया जब साँस फुले वाक करो अन्यथा जॉगिंग करते रहो।
42 km 7 घंटे 10 मिनट में हुआ और 10.17 का पेस चल रहा था। मुझे थकान होने लगी थी मुझे समझ आ गया की अभी 5 घंटे और रन वाक करना है।
मुझे 28 km और रन करना है 5 घंटे में ।दौड़ते दौड़ते ही मैंने फैसला लिया की कुछ भी हो जाये 12 घंटे रन करूँगा भले ही वाक करू। भले ही 60 km ही रन करू ।दोपहर 12 से 5 मैंने ब्रिस्क वाक चालू कर दी ।10.20 से 10.40 की पेस आ रही थी।
दोपहर को 12 के बाद4 बार पानी की तेज बौछारे आई और 15 मिनट बाद वापस सड़के सुखी हो जाती थी। 3 बजे मिलिंद सोमन मिले worli seaface पर उन्होंने फोटो खिचवाई ।मैंने उन्हें कहा की मेरा भी ख्वाब है आयरन मेन का।
अब में आयोजको के बारे में बताता हु ।सुबह पहले लूप पर ही हमें इडली सांभर और डोसा दिया और कॉफ़ी दी गयी ।काजू ,खजूर,किशमिश,salted peanut,आलू चिप्स,चॉकलेट वाइट एंड डार्क,सेंधा नमक और सादा नमक ,गुड के बारीक़ टुकड़े,ब्रेड जैम ,ब्रेडबटर,तरबूज
आदि सभी जरुरी व्यवस्था थी अल्ट्रा के लिए।
प्लास्टिक के कप की बजाय स्टील के छोटे गिलास में एनेर्जल और पानी भर के रखा था। आधे आधे गिलास ही भरे थे जिससे waste न हो पानी ।5.5 के लूप में 4 स्टेशन थे सभी पर वालंटियर चीयर भी कर रहे थे और बहुत बढ़िया से रनर का ध्यान रख रहे थे।
gu जेल भी उपलब्ध था एक लिया मैंने उसका मुझे कोई विशेष फायदा नहीं हुआ।
हर पॉइंट पर फेस पर स्प्रे कर रहे थे ।बहुत ही अच्छी व्यवस्था थी। हर डेढ़ घंटे पर हम खाते पीते रहे इसके कारण किसी को भी कोई तकलीफ नहीं हुयी कोई cramp नहीं आये। आखिरी के 20 मिनट बचे तो मुझे जोश आ गया और 66 वा किलोमीटर 8.30और 67 वा किलोमीटर 7.30 के पेस में फर्राटा मारा।11 के पेस में वाक कर रहे थे उसकी तुलना में फर्राटा ही कहेंगे।
सभी रनर से 7 लूप मतलब 14 बार हम लोग क्रॉस हुए सभी एक दुसरे को मोटीवेट कर रहे थे ।रनर से अच्छा दोस्त कोई नहीं हो सकता। सभी नाम देखकर उत्साहित कर रहे थे ।
आखिरी में आयोजको से मिला और उन्हें धन्यवाद् किया की आप 5000 रुपये चार्ज रखे इतनी बढ़िया व्यवस्था थी।
जब भी थकने लगते महिलाओ और 70 साल के लोगो को दौड़ते देखकर भूल जाते ।बहुत अच्छा माहोल था। एक जगह तो एक महिला ने 3 बजे पूछा की कब तक रन करेंगे शायद वो सुबह से देख रही थी। मैंने कहा 5 बजे तक।
मेरे फोन की बैटरी खत्म हो गयी थी इसलिए में 57 km के बाद पोस्ट नहीं कर पाया। वजन चेक करने के लिए 7 wt मशीन और 7 वालंटियर्स थे जो wt चेक करके बिब पर लिख रहे थे और करीब 10 टेबल पर डॉक्टर्स थे जो wt चेक कर रहे थे आखिरी में मेरा bp 142 आ गया 168 से
wt 74 से 77 हो गया।
शावर की व्यवस्था थी स्विमिंग पूल के अन्दर एक बार 33 km के बाद शावर लिया ।
हर ब्रेक में 10 min एक्स्ट्रा लगे मतलब 7 लूप 70 मिनट
परन्तु रेस्ट लेने से हमें अगले 11 km की एनर्जी मिलती रही ।
आखिरी में छोले भठूरे और गुलाब जामुन थे।
दही खिचड़ी और दाल खिचड़ी भी थी।
खिला खिलाकर मेरा वजन 3 किलो बड़ा दिया। मैंने हर 5 km पर सेंदा नमक और गुड मिलाकर खाता रहा जिससे आखिरी km तक तकलीफ नहीं आई ।volini की तरफ से 15 वालंटियर्स थे जो सबकी स्ट्रेचिंग करा रहे थे
बर्फ की बड़ी बड़ी शिलाए 25 किलो तक की तपेले में डालकर रखी थी जिससे की ।रन के बाद पैर डाल सके ठन्डे पानी में।
सुलेजी ने 75 km रन किया डॉ पासी जी ने 60 km रन किया ।
होटल आकर एक गिलास ढूध में एक स्कूप 30 gm whey प्रोटीन लिया। और 8 बजे सो गए बगेर खाना खाए।
सुबह उठ कर आलू पराठा और दाल चावल खाकर हम 8.30 पर होटल से निकल गए।
एअरपोर्ट पर अजय झांग जीतेन्द्र हेमा और माधवी ने हमारा हीरो की तरह स्वागत किया। सभी को तहेदिल से धन्यवाद ।
विजय सोहनी जी
संजीव राजदान
डॉ पारीख सर
डॉ गोखले सर
विवेक सिंघल जी
डॉ रजनीश डॉ अमित और पूरी सुपर चार्जर की टीम और पुरे इंदौर के रुन्नेर्स को धन्यवाद् दिल से ।
67 km now is new landmark for me
Thanks for reading blog
Dr yogendra vyas
9826210372
dryvyas@gmail.com

Monday, July 17, 2017

सिंगापुर मैराथन 4 जुलाई 2015

सिंगापुर मैराथन एक यादगार मैराथन थी। वहा पर नाईट मैराथन होतीहै।
उसकी तैय्यारी के लिए 2 माह तक इंदौर में देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में मै ,विजय सोहनी जी ,अमित बंग ,संजीव राजदान ,कपिल खंडेलवाल,आशुतोष शर्मा,डॉ जी एस टुटेजा आदि हम लोग प्रैक्टिस करते थे ।रात को 9 से 12 बजे तक प्रैक्टिस करते थे।
नाईट मैराथन करना थी इसीलिए हम लोग रात को 3 घंटे की रन करते थे जिससे की हमारी प्रैक्टिस हो जाये।
सिंगापूर हम दो दिन पूर्व पहुचे।4 तारीख को रात को रेस थी ।हम लोग फॅमिली सहित पहुचे थे जिससे की सिंगापूर भी घूम ले और दौड़ भी ले। करीब 7000 धावको ने भाग लिया स्टार्टिंग लाइन पर पहुचने में 30 मिनट लग गए 1000 के ग्रुप को छोड़ रहे थे। वहा पर नियमित तौर पर शनिवार रात को रेस होती है। वहा पर 42 km पूर्ण करने का कट ऑफ समय 8 घंटे रहता है
मतलब की वहा पर 11 मिनट और 26 सेकंड में एक किलोमीटर करके भी आप मैराथन पूरी कर सकते हो। शहर की बजाय समुद्र किनारे के पार्क साइड में मैराथन होती है। मैराथन 1 बजे चालू हुयी और करीब 6 घंटे 40 मिनट में मैंने पूरी की ।ये मेरी पहली बेयरफुट मैराथन थी ।देश का झंडा पीठ पर लगा कर 42 की ।
कंक्रीट काफी उबड़ खाबड़ था मेरे पैर में काफी गढ़ रहे थे ।रोड डीवाडर पर जो पेंट लगा होता है वो जगह स्मूथ हो जाती है में उस पर दौड़ रहा था। वहा के लोकल बड़े मजे में दौड़ रहे थे और कही जगह टेबल लगी थी खाने पीने का सामान था और लोग बैठ कर खा पी रहे थे।
काफी जगह स्ट्रीट लाइट ही थी हलकी हलकी सी ।मेडिकल फैसिलिटी नहीं थी और कोई स्पांसर या कोई होर्डिंग नहीं ।वहा दौड़ना सामान्य बात है वहा के लोगो के लिए जैसे की पिकनिक पर जा रहे हो।
सिंगापूर में एक ओलिंपिक पार्क है वहा पर शाम को 5 बजे से 11 बजे तक साइकिल चलाते हुए लोग मिल जायेगे दौड़ते हुए लोग मिल जायेगे ।ओलिंपिक पार्क में कोई भी व्हीकल की अनुमति नहीं है।
सुबह 7.40 पर मेरी रेस फिनिश हुयी तो विजय सोहनी जी और अमित बंग मेरा इन्तेजार कर रहे थे। बहुत अच्छा लगा। अमित और में टैक्सी करने निकले होटल के लिए तो में बिलकुल नहीं चल पा रहा था। हमने एक टैक्सी को हाथ दिखाकर रोका तो वह नाराज हो गया की चाहे जहा टैक्सी नहीं रूकती है। पहले बुक करना होता है ड्राईवर ने देखा की में चल नहीं पा रहा हु और पूरी तरह थका हुआ था तो गाड़ी रोकी।
9 बजे रात्रि को हम रेस के लिए तैयार थे खाना भी नहीं खाना था क्योकि खाना खा कर दौड़ नहीं सकते तो हम लोगो ने केले और ब्रेड सैंडविच खाए और 1 बजे रात तक वही रुके रहे। काफी उत्साह पूर्ण माहोल था।
हेमा और मेघना का रजिस्ट्रेशन मुझे लग रहा था की मैंने करवाया है जबकि में भूल गया था बेटी काफी अपसेट हुयी ।वहा के रनिंग के काउंटर पर स्टाफ काफी सहयोगी था उन्होंने सभी टाइप से नाम मोबाइल नंबर से सर्च किया ।
कुल मिला कर एक यादगार मैराथन रही ।

Monday, May 29, 2017

Subhash masih 1000k one month

अभी अभी रनिंग की एक मिथ टूट गयी है ।
पहले कहते थे की रोज दौडोगे तो स्पीड घट जाएगी ।थकान के कारण
muscle fatique के कारण
परन्तु मैंने सीखा है की सब की रिकवरी अलग अलग होती है। सुभाष जी रोज रिकवर हो रहे है और रोज 33 km रन कर रहे है। उनका pace अभी भी वही है। यह mind and body गेम है।
जिसका mind जितना पावरफुल उतना वो कर सकता है।
बॉडी हमेशा ना करेगी। मत करो ।आराम करो।
आपको टफ बनना है तो बॉडी से नहीं मन से टफ बनना पड़ेगा।
🙏🙏🙏🙏🙏