Monday, February 20, 2017

24 th full Marathon 5 th barefoot

24 th मैराथन 19 feb 2017
18 तारीख को में रात्रि में अच्छा खा पीकर 10 बजे सो गया। डेढ़ बजे रात को नींद खुल गयी फिर भी सोया रहा ढाई बजे तक। फिर उठ कर मूंगफली के दाने सीके हुए खाए ।एक चाय पी।
इंदौर मैराथन में मैंने चाय और ब्रेड ली थी मुझे उलटी हो गयी थी। नए अनुभव हर दौड़ में करना चाहिए।
1.2 litre slice mango जूस में 10 ग्राम सेंदा नमक और 2 निम्बू का जूस उसमे डाल दिया और 600
600 ml की 2 बोतल तैयार कर ली।2 लिटर सादा पानी लिया।
खजूर कीमिया 8 लिए ।
उपरोक्त सभी चीजो में मेरा 42 km हो गया इसके अलावा में 3 केले
चिक्की
5 स्टार
प्रोटीन बार
ले कर गया था। सुबह घर से 3.40 am पर निकल गया। रात में ही dynaplast पट्टी लगा कर सोया था। क्योकि 42 km में पेरो को बचाया जा सके कंकर पत्थर से।
100 ml स्लाइस में 60 kal होती है।720 cal सिर्फ स्लाइस से ही मिल गयी शुगर सलूशन के कारण पेट गड़बड़ होने का भी डर होता है। ब्लोटिंग सेंसेशन।
खैर घर से निकला तो डर था की davv में लाइट नहीं हुयी या अन्दर एंट्री नहीं दी तो क्या करेंगे मैंने सोच लिया था की बी आर टी एस पर रन करूँगा।4 बजकर 7 min पर रन चालू किया।4.15 पर डॉ मुकेश बिरला जी की आवाज सुनकर मजा आ गया। फिर 6.30 तक उन्होंने मुझे बहुत बढ़िया कंपनी दी ।मेरे स्लो पेस में भी मेरे साथ दौड़े ।मैंने उन्हें कहा की आप को तेज करना हो तो कर सकते हो। उन्होंने कहा की आज आप के पेस में ही करूँगा ।बहुत गप शप की 20 k तक ।फिर तो अपूर्व मिश्र जी राजेश पोरवाल जी डॉ प्रशांत अखिल जैन विकास जैन कमल किशोर जी  सुरेश लाहोटी जी दिनेश सुले जी प्रकाश दूधिया आदि सुपर चार्जर आ गए।16 km के बाद पेस 7.15 हो गया तो sub 5 की उम्मीद मैंने छोड़ दी।
एवरेज पेस 7.09 चाहिए था 42 के लिए sub 5 में करने के लिए। पहला टारगेट 21 हुआ तो थोड़ी बहुत शांति मिली की आधा तो हो गया अगला टारगेट 32 k था। मुझे सुनील गावस्कर की बात याद आ रही थी वो कहते थे पिच पर खड़े रहो रन बनते रहेंगे ।l
इसलिए मैंने पेस का टेंशन छोड़ दिया। एक दो बार मेरा पेस 8.5 के आसपास आ गया था।26 या 27 km से 42 k तक अखिल जैन ने मुझे कंपनी दी।मैंने अखिल को बताया की जब तक 35 km नहीं आता 42 की कोई उम्मीद नहीं है ।मैंने ठान लिया था की मेरा पेस 7.40 के ऊपर जायेगा तो में छोड़ दूंगा ।क्योकि जब आप में ताकत न हो तो मर मर कर नहीं रन करना चाहिए ये डायलॉग हमारे डॉ अमित बंग के है ।मैंने पुरे समय एवरेज पेस को 7.22 से ऊपर नहीं जाने दिया और फिनिश 7.19 के पेस पर किया।35 km बाद तो मुझे जोश आ जाता है। अखिल ने कहा की 31 km पर आपकी स्पीड अलग थी और 38 पर अलग हो गयी है। बढ़ गयी है स्पीड। अखिल ने बताया की अपूर्व जी कह रहे थे की लेट चालू किया सभी ने क्योकि 42 km फिनिशिंग टाइम तक रुकना होता है। मैंने अखिल को कहा की ऐसा कोई नियम नहीं है ये सभी सुपर चार्जर का प्यार है। कोई जबरदस्ती नहीं है। मैंने उससे कहा की तुम जल्दी जा सकते हो। परन्तु अखिल अंतिम km तक रुका। kk जी lahoti जी सुलेजी अपूर्व्जी रुके रहे मेरे लिए ।में सभी का दिल से आभारी हु डॉ जीतेन्द्र तो सिर्फ मेरे लिए आये। अजय झांग जी साइकिल से आये संजय बिरला भी आये ।
42 km 5 घंटे 7 min में हो गयी ।9.15 am हो रहे थे उस समय ।सड़क पर स्ट्रेचिंग की डॉ जीतेन्द्र ने बढ़िया स्ट्रेचिंग करायी।
davv में sub 5 हो सकती थी परन्तु 3.3 km के एक लैप में 23 मोड़ या बेरिकेड या मुढ़ ना होता है 42 km में 13.3 laps means 300 obstacles 2 सेकंड भी एक्स्ट्रा लगे तो 600 सेकंड का नुकसान।
खेर घर आकर एक केला शेक पिया। कोई प्रोटीन पाउडर में नहीं लेता हु ।क्लिनिक पर 11 से 12 पेशेंट देखे ।घर आकर दाल बाफले खा कर लेट गया।2 बजे भूख लगी ।सेंव मिक्सचर परमल खाए। फिर लेटा 30 min की नींद मिली ।रात को भी 3 घंटे ही सो पाया था।3.30 से 7 बजे तक सोशल विजिट की हेमा के साथ अलग अलग दोस्तों के घर जाकर। बेयरफुट रनिंग के कारण शायद इंजरी बहुत कम होती है। रात्रि को 8 बजे दाल बाफले और कड़ी रोटी 3 खाकर सो गया। सुबह 3.30 पर नींद खुली भूख लग रही थी 3 रोटी सब्जी से खाकर वापस सो गया 7 बजे उठा। यह इसलिए लिख रहा हु की 42 k के पहले और बाद में खासकर खूब खाना चाहिए। रिकवरी के लिए। भूख लगे तो खाते जाओ आपकी  बॉडी खुद मांगती है। सुबह उपमा खाया 100 gm फिर 2 रोटी खाकर क्लिनिक गया 20 तारीख को  ।क्लिनिक पर 3 केले खा लिए।2 बजे घर आकर 2 रोटी दाल चावल सब्जी रोटी खायी।
मतलब यह है की मैराथन रन के समय और बाद में अच्छे से खाना चाहिए अचार नमक निम्बू विशेषकर ।अपने शरीर के इलेक्ट्रोलाइट सब गड़बड़ हो जाते है 42 km में ।
उम्मीद है की नए रनर को ये आलेख पसंद आएगा।
डॉ योगेन्द्र व्यास
M D PEDIATRICS

Monday, May 16, 2016

जनसँख्या वृद्धि

देश की सबसे बड़ी समस्या जनसँख्या वृद्धि पर मोदी जी को मन की बात में उठाना चाहिए।संजय गाँधी के बाद किसी भी नेता ने जनसँख्या वृद्धि पर कभी भी जोर नहीं दिया ।क्यों ??????
क्योकि सभी पार्टियों को डर लगता है बर्र के छत्ते में हाथ डालने से।
हमारे संसाधन वही है हमारी आबादी बढती जा रही।जंगल ख़त्म हो रहे है।नलकूप और कुओ में जो15 फीट पर पानी आ जाता था आज से 20 वर्ष पूर्व आज 300 फीट पर भी पानी नहीं आ रहा है।
अगर चीन 2 बच्चो पर परिवार नियोजन की नीती अपना सकता है तो हम क्यों नहीं।
चीन ने तो पिछले 15 सालो से एक परिवार एक बच्चा की नीती अपना रखी है।
24 घंटे खबरिया चैनल चलाने वाले चैनल के पास इतने बढे मुद्दे पर कोई बहस नहीं।
आज गरीबी बेरोजगारी महगाई अशिक्षा सभी आबादी बढ़ने का दुष्परिणाम है।
में उम्मीद करूँगा की मेरी बात नरेन्द्र मोदी जी तक पहुचे और जिस प्रकार से स्वेच्छा से गैस सब्सिडी छुडवाने की अपील की उसी प्रकार कम बच्चे पैदा करने की अपील करना चाहिए।
2 बच्चो से ज्यादा होने पर राशन न मिले।दूसरी सुविधाए न मिले।
सरकारी नौकरी न मिले।बैंक से लोन न मिले।अतिरिक्त टैक्स लगाया जाये।
कुछ ऐसे उपाय करना होंगे ।
पहले परिवार नियोजन के विज्ञापन आते थे उन्हें वापस चालू करना चाहिए।दूरदर्शन और प्राइवेट चैनल को कहा जाये की आबादी नियंत्रण के विज्ञापन दिखाए और उस पर सार्वजनिक बहस कराये।
डॉ योगेन्द्र व्यास
देश का एक जिम्मेदार नागरिक

Friday, May 13, 2016

15 km रनिंग 45 दिन तीन अनुभव




 3 अप्रैल को में मल्हाराश्रम पर 15 km रन करने के लिए गया सुबह 6 बजे रनिंग चालू कर दी परन्तु 2 km के बाद ही दर्द itb ileotibial band का दर्द होने लगा फिर भी मन नहीं था और   रोते गाते 15  km रन किया।1 hr.59 min 7 .53  का pace में
फिर 1 may को पहली बार पीटीसी गया डॉ मुकेश बिरला और राहुल के साथ 5 बजे रनिंग चालू कर दी क्योकि मुझे वहा के रास्ते नहीं मालूम थे।उन दोनों की स्पीड 6.30 के pace में रन कर रहे थे 2 km तक मैंने भी उसी pace में रनिंग की फिर उन्हें जाने दिया ।मेरी गलतिया बता रहा हू ।बगैर स्ट्रेचिंग बगैर वार्मअप रन करना गलत है।
दूसरा आप अपने pace में ही रन करो कोई टेम्पटेशन नहीं होना चाहिए।
तीसरा पीटीसी में रन करते समय मेरे पास 600 ml पानी था फिर  भी मेरा ध्यान पानी पर था की 8 km तक पानी नहीं मिलेगा और मुझे नेहरु स्टेडियम जाने का रास्ता भी नहीं मालूम है।फिर 3 km बाद से ही मूड ख़राब होने लगा ।विकास सुरेशजी पोरवाल जी को देखकर मन प्रसन्न हो गया।फिर वही रोते गाते नेहरु स्टेडियम पंहुचा देखा की अमित बंग रन कर रहे थे ।उसको देखकर वापस रनिंग7 की और 15 km रन किया 1hr 51 min में 7.25 के pace में।
लास्ट सन्डे 8 may को सोचा था की 15 km रन कर लू परन्तु सभी दोस्तॊ के आग्रह पर रालामंडल हिल रनिंग करने पहुच गया।


अब आज की बात आज सुबह 4.13 am का अलार्म था और 3.45am पर उठ गया।
फिर देखा की मेरा हेड फोन ख़राब हो गया मूड भी बिगड़ गया मैंने तैय्यारी की और 5 am शार्प बिजासन चौराहे पर पहुच गया ।स्ट्रेचिंग की और रन करना चालू कर दिया 500 m में देखा तो औसत पेस 7.45फिर स्पीड बढाई ।2 km के बाद pace सेट हो गया 6.50   रन करते समय अलग अलग विचार आते है मन को समझाया 5 km तक पानी नहीं पियूँगा और वाकिंग ब्रेक नहीं लूँगा ।फिर सोचा 7.50 km रेलवे क्रासिंग पर ब्रेक लूँगा।7.5 km पर comfortable लग रहा था 10 km tcs ऑफिस के वहा तक का टारगेट रखा 6.51 के pace को मेन्टेन करने का वो भी हो गया ।परन्तु कुछ कुत्ते पीछे पड़ गए जैसे तैसे उन्हें भगाया।रुन्नेर्स को ये हुनर आना चाहिए।
आज की सीख यह रही की आप एक pace में रन करते रहो वाकिंग ब्रेक मत लो ।
और घर से 1.5 litre पानी पीकर निकलो ।तो आप की स्पीड और pace इम्प्रूव हॊत जायेगा।
सुबह vibram शूज को देखकर दुखी हुआ की साइज़ 10 का मुझे बड़ा पड़ रहा है ।परन्तु रन करने में कोई दिक्कत नहीं हुयी
सभी रनर को बहुत धन्यवाद्  ब्लॉग को पढने के लिए ।
शायद किसी को कुछ काम की टिप मिल जाये।
इसीलिए लिखा।
अगर आप इंजरी फ्री रहेंगे और लक्ष्य बना कर प्रैक्टिस करेंगे तो रनिंग में स्पीड बढती जाएगी
सभी को शुभकामनाये ।
happy running

Thursday, April 14, 2016

indore sanver run

I just completed an activity with Runkeeper https://runkeeper.com/activity?userId=33157380&trip=482412003

दर्द का रिश्ता है मैराथन से

अगस्त 2013 में पहली बार 9 km रनिंग की घर से लेकर खजराना मंदिर तक ।एक घंटा और 15 min लगे थे।फिर वहा से ऑटो से वापस आ गया था ।उसके बाद एक बार सितम्बर में खजराना तक आना जाना पूरा किया 2घंटा 45 min में।
फिर डॉ प्रवर पासी सर को बताया की में मुंबई मैराथन करना चाहता हू 21 km करू या 42 km पासी जी का जवाब था बगैर प्रैक्टिस 18 km रन कर लिया है तो 42 km ही करो।
डिसेम्बर 2013 और जन 2014 में मैंने 6 सप्ताह तक प्रति सप्ताह 42 km रन किया।
इसके लिए डॉ gs टुटेजा ने suggest किया की 25 से 30 km तो कर लेते हो बॉम्बे में 42 km करना है तो प्रैक्टिस कर लो।
जिद में आकर मैंने 5 wks यही 42 km किया 5.40 to 6 hrs में।
डॉ संग्रामसिंह ने मुझे मना किया था की 32 km से ज्यादा मत करो।
मेरी गलती थी मैंने नहीं माना।
और मुंबई मैराथन 2014 के बाद 6 माह तक ankle injuries से ग्रसित हो गया।6 माह सिर्फ थोड़ी सी साइकिलिंग और स्विमिंग करता रहा।
जुलाई 2014 में मुंबई मैराथन का फॉर्म भरा 2015 के लिए।
14 dec 2014 में इंदौर से sanver रोड पर 29km की दौड़ रखी थी।उसमे विजय सोहनी जी कपिल खंडेलवाल आशुतोष शर्मा नितिन दिक्षित डॉ अमित बंग डॉ टुटेजा आदि runners थे
इस दौड़ के 3 दिन पहले 9.5 km रन किया था 60 min में 6.13 pace पर
मेरे पैरो में दर्द था ।लेफ्ट knee में दर्द था 9.5 km तेज रन करने के बाद मुझे रन नहीं करना था परन्तु मैंने कभी भी किसी की नहीं सुनी।कभी कभी किसी की सुनने से फायदा भी होता है ।मैंने knee कैप पहन कर रन किया 14 km के बाद आशुतोष कपिल और नितिन ने मुझे कहा की कार में बैठ जाओ और में अपनी जिद के साथ दौड़ता रहा अमित बंग मेरे आगे रन कर रहे थे मैंने पैन किलर स्प्रे करके भी 29 km 3 घंटे 53 min में कर ली।
बस कहानी यही से चालू होती है।मेरे घुटने के ant cruciate ligament में tear हो गया और मेरी रनिंग almost बंद हो गयी एक माह बचा था मुंबई मैराथन 2015 में।
मैराथन के पहले वाले सन्डे में davv में रन कर रहा था दर्द हो रहा था ।
डॉ ranjanpreet मैडम को बताया की मुंबई नहीं जा पाउँगा क्योकि दर्द है 10 km भी रन नही कर पा रहा हू।
उसी दिन मैंने 21 km रन किया मैंने तय किया था की यदि मै 21 km रन कर लूँगा तो ही मुंबई जाऊंगा।
मुझे इतना दर्द था की 10 दिन पहले मैराथन के डॉ दिनेश जैन गीतांजलि हॉस्पिटल चौराहे पर मिल गए और कहा की आप 42 कैसे करोगे पैरो में मोच जैसा लग रहा है।मै दो तीन km की वाक ही कर पाता था।में इसलिए ये लिख रहा हू की हमारे सुपर चार्जर ग्रुप में काफी लोग injured होते है रेस्ट नहीं करते है।जिससे काफी तकलीफ होती है।घायल होकर आप फाइटर तो दिख सकते हो परन्तु अपने शरीर को नुकसान कर लेते हो।
2015 मैराथन के एक दिन पहले विजयजी ने मेरी चाल देखी और कहा की आप को अभी भी दर्द है कैसे दौडोगे।
उस रात कपिल और आशु ने मेरी बहुत हिम्मत बड़ाई।
इसमे कोई शक नहीं की आदमी की इच्छा शक्ति हो तो वो कुछ भी कर सकता है परन्तु हमें एसी बेवकूफी नहीं करना चाहिए।
मुंबई मैराथन2015 की मैंने 6 घंटा 20 min में आखिरकार कर ही ली।
फिर इंदौर मैराथन 2015 की दर्द के साथ फिर मैंने एक माह फिजियोथेरेपी ली।सेक किया ।
हल्दी शहद का लैप लगाया ।और knee इंजरी से रिकवर हो गया।
रनिंग बंद कभी नहीं की।कम स्पीड में करता रहा।कभी स्विमिंग कभी साइकिलिंग करता रहा।
फिर अप्रैल 2015 में davv में 42 km रन किया ।
4 जुलाई को सिंगापुर में barefoot 42 km किया।जब तक में इंजुरी मुक्त था।6 nov को बैंगलोर में 50 km रन किया उसके बाद 15 दिन बाद वापस इंदौर में davv में 50 km रन किया ।अपने शरीर को रिकवरी का मौका नहीं दिया और मंथली मैराथन चालू कर दी।मंथली मैराथन अमित बंग अवनीश उपाध्याय संजीव राजदान और मेरा आईडिया था की यदि हर माह 42 करे तो जो 30 से 42 km में मरते है वो नहीं मरेंगे।हम used to हो जायेंगे।
उसी प्रोसेस में एक बार राजेश पोरवाल जी को अलग स्टाइल में रन करते देख मैंने भी 21 km से 32 km रन कर लिया जब से मुझे ileotibial band का दर्द सीधे पैर में होना चालू हो गया।जब भी में 10 या 15 या उसके ऊपर रन करता दर्द चालू हो जाता ।
फिर भी मैंने अपनी मंथली मैराथन बंद नहीं की ।इसे जिद कहे या पागलपन।में चाहता हु की कोई एसी गलती न करे।में सभी लोगो को रनिंग के लिए प्रेरित करने के चक्कर में injured होता गया।
2016 की मैराथन के पहले वापस वो ही situation की में 42 कर पाउँगा या नहीं।इस बार भी 5.40 घंटे में कर ली।
मुझे विवेक सिंघल जी ने कहा था की रेस्ट करो मैंने उनकी बात नहीं मानी ।सभी मेरे शुभचिंतक है सभी ने मुझे आराम का कहा।
अभी 15 दिन पहले में अपने 19 फुल मैराथन के टाइम देख रहा था तो मुझे लगा की मैंने काफी लोगो को रनिंग के लिए प्रेरित कर दिया है ।मैंने फैसला किया की में मंथली  मैराथन और वीकली 21 km नहीं करूँगा ।सभी को मेरा फैसला पसंद आया।विजय सोहनी जी
अमित बंग और विवेक सिंघल जी को खास कर।
अब मैंने अपना टारगेट बनाया है 2017 मुंबई मैराथन 5 घंटे में करना है।
सभी धावको से में निवेदन करूँगा की रन करे फन करे परन्तु injuries से बचे सभी का शरीर अलग अलग है।सब की परिस्थितिया अलग अलग है।सबका अपना अपना basic बदन है।तुलना करके और घायल होना कोई बहुत बड़ा काम नहीं है।herogiri से बच कर अपना वर्कआउट करे।
सभी injuries से अगर आप बचना चाहते है तो कभी भी ज्यादा वर्कआउट अपनी क्षमता से ज्यादा न करे।
too early
too much
workout leads to injuries
अगर आप मैराथन ट्रेनिंग के guideline से चलेंगे तो कभी injuries नहीं होगी।
asics
nike
mumbai marathon
runnersworld
पर ये प्रोग्राम मिल जायेंगे।
injuries से बचना है तो रेगुलर योगा और muscle strengthening करे ।रनिंग के पहले और बाद में स्ट्रेचिंग जरुर करे।
planks
hamstring
quadriceps
glutes को मजबूत करे
वेट ट्रेनिंग करे
रोप skipping
pushup
squat
करे
हिल ट्रेनिंग और इंटरवल ट्रेनिंग जरुर करे जब आपका मन ना करे रेस्ट करे या वाक करे या स्विमिंग करे
listen to ur body
मुझे उम्मीद है की मेरा ये अनुभव किसी रनर को काम आएगा।
दर्द का रिश्ता को पढने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

Thursday, April 7, 2016

target 5 hr for 2017 jan mumbai marathon

today i decided that my target for mumbai marathon jan 2017
5 hrs for 42 km
5.20 hrs for 42 km in july marathon
no marathon outside of indore
wt 71 to 65 kg