Monday, July 17, 2017

सिंगापुर मैराथन 4 जुलाई 2015

सिंगापुर मैराथन एक यादगार मैराथन थी। वहा पर नाईट मैराथन होतीहै।
उसकी तैय्यारी के लिए 2 माह तक इंदौर में देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में मै ,विजय सोहनी जी ,अमित बंग ,संजीव राजदान ,कपिल खंडेलवाल,आशुतोष शर्मा,डॉ जी एस टुटेजा आदि हम लोग प्रैक्टिस करते थे ।रात को 9 से 12 बजे तक प्रैक्टिस करते थे।
नाईट मैराथन करना थी इसीलिए हम लोग रात को 3 घंटे की रन करते थे जिससे की हमारी प्रैक्टिस हो जाये।
सिंगापूर हम दो दिन पूर्व पहुचे।4 तारीख को रात को रेस थी ।हम लोग फॅमिली सहित पहुचे थे जिससे की सिंगापूर भी घूम ले और दौड़ भी ले। करीब 7000 धावको ने भाग लिया स्टार्टिंग लाइन पर पहुचने में 30 मिनट लग गए 1000 के ग्रुप को छोड़ रहे थे। वहा पर नियमित तौर पर शनिवार रात को रेस होती है। वहा पर 42 km पूर्ण करने का कट ऑफ समय 8 घंटे रहता है
मतलब की वहा पर 11 मिनट और 26 सेकंड में एक किलोमीटर करके भी आप मैराथन पूरी कर सकते हो। शहर की बजाय समुद्र किनारे के पार्क साइड में मैराथन होती है। मैराथन 1 बजे चालू हुयी और करीब 6 घंटे 40 मिनट में मैंने पूरी की ।ये मेरी पहली बेयरफुट मैराथन थी ।देश का झंडा पीठ पर लगा कर 42 की ।
कंक्रीट काफी उबड़ खाबड़ था मेरे पैर में काफी गढ़ रहे थे ।रोड डीवाडर पर जो पेंट लगा होता है वो जगह स्मूथ हो जाती है में उस पर दौड़ रहा था। वहा के लोकल बड़े मजे में दौड़ रहे थे और कही जगह टेबल लगी थी खाने पीने का सामान था और लोग बैठ कर खा पी रहे थे।
काफी जगह स्ट्रीट लाइट ही थी हलकी हलकी सी ।मेडिकल फैसिलिटी नहीं थी और कोई स्पांसर या कोई होर्डिंग नहीं ।वहा दौड़ना सामान्य बात है वहा के लोगो के लिए जैसे की पिकनिक पर जा रहे हो।
सिंगापूर में एक ओलिंपिक पार्क है वहा पर शाम को 5 बजे से 11 बजे तक साइकिल चलाते हुए लोग मिल जायेगे दौड़ते हुए लोग मिल जायेगे ।ओलिंपिक पार्क में कोई भी व्हीकल की अनुमति नहीं है।
सुबह 7.40 पर मेरी रेस फिनिश हुयी तो विजय सोहनी जी और अमित बंग मेरा इन्तेजार कर रहे थे। बहुत अच्छा लगा। अमित और में टैक्सी करने निकले होटल के लिए तो में बिलकुल नहीं चल पा रहा था। हमने एक टैक्सी को हाथ दिखाकर रोका तो वह नाराज हो गया की चाहे जहा टैक्सी नहीं रूकती है। पहले बुक करना होता है ड्राईवर ने देखा की में चल नहीं पा रहा हु और पूरी तरह थका हुआ था तो गाड़ी रोकी।
9 बजे रात्रि को हम रेस के लिए तैयार थे खाना भी नहीं खाना था क्योकि खाना खा कर दौड़ नहीं सकते तो हम लोगो ने केले और ब्रेड सैंडविच खाए और 1 बजे रात तक वही रुके रहे। काफी उत्साह पूर्ण माहोल था।
हेमा और मेघना का रजिस्ट्रेशन मुझे लग रहा था की मैंने करवाया है जबकि में भूल गया था बेटी काफी अपसेट हुयी ।वहा के रनिंग के काउंटर पर स्टाफ काफी सहयोगी था उन्होंने सभी टाइप से नाम मोबाइल नंबर से सर्च किया ।
कुल मिला कर एक यादगार मैराथन रही ।

Monday, May 29, 2017

Subhash masih 1000k one month

अभी अभी रनिंग की एक मिथ टूट गयी है ।
पहले कहते थे की रोज दौडोगे तो स्पीड घट जाएगी ।थकान के कारण
muscle fatique के कारण
परन्तु मैंने सीखा है की सब की रिकवरी अलग अलग होती है। सुभाष जी रोज रिकवर हो रहे है और रोज 33 km रन कर रहे है। उनका pace अभी भी वही है। यह mind and body गेम है।
जिसका mind जितना पावरफुल उतना वो कर सकता है।
बॉडी हमेशा ना करेगी। मत करो ।आराम करो।
आपको टफ बनना है तो बॉडी से नहीं मन से टफ बनना पड़ेगा।
🙏🙏🙏🙏🙏

Monday, April 17, 2017

503 km in 24 days .21 half marathons nonstop 21 days

19मार्च 2017 को मुझे 42 km का रन करना था 5 घंटे में ।वो मैंने 2 मिनट पूर्व पूरा कर लिया डॉ अमित बंग, विजय सोहनी जी, डॉ गोखले सर ,मैडम ,अखिलेश जैन की बदौलत ।सभी ने आखिरी एक घंटे में जोश बनाये रखा। मेरे मन में एक ही विचार चल रहा था अभी नहीं हुआ तो कोई बात नहीं अगली बार करूँगा परन्तु अमित पीछे पड़ा था इस बार ही करना है और हो गया। फिर सेलिब्रेशन हुआ संजीवजी बहुत बढ़िया चॉकलेट ले कर आये थे ।विजयजी ने मेरी स्ट्रेचिंग करायी और इस प्रकार 25 वी फुल मैराथन हो गयी ।फिर सोमवार को आराम किया और मंगलवार को 10 km की दौड़ लगा दी स्लो पेस में फिर बुध को भी 10 रन कर लिया और पोस्ट की की 10km प्रतिदिन करेंगे tuffman जैसा 25 दिन तक। संजीव राजदान जी ने पूछा की ये व्यक्तिगत स्पर्धा है या ग्रुप की ऑफिसियल स्पर्धा ।और फिर निर्णय लिया की इंदौर सुपर चार्जर ग्रुप 10 km और 5 km की सुपर पॉवर रन और पॉवर रन स्पर्धा रखेगा 25 दिन के लिए।
23 तारीख को मैंने सुपर कॉरिडोर पर 21 km रन किया और पोस्ट किया की में 5 दिन तक 21 km करूँगा उस समय अमित ने कहा की आप 5 के बाद कहा रुकने वाले हो।
शुरू की 5 हाफ मैराथन मैंने सुपर कॉरिडोर और vip road मरीमाता पर की परन्तु में परेशान हो गया कुत्तो से ।सुबह 5 बजे के समय रन करते समय कुत्तो से बचना होता है में जेब में पत्थर लेकर रन करता था। रोड पर रन करना बहुत मुश्किल है फिर फैसला किया की davv यूनिवर्सिटी में रन करूँगा। वहा पर भी कुत्ते मिले परन्तु 3 -4 दिन बाद वो पहचानने लग गए।
जब 10 हाफ मैराथन हो गयी तो ऐसा लगने लगा की बहुत हो गया कही इंजरी न हो जाये ।रोज सुबह साढ़े 3 बजे उठना और फिर एक ब्रेड बटर और चाय लेना। फिर 5 बजे davv पहुचना रोज जब भी स्टार्ट करता पैर के नखरे चालू हो जाते ।दौड़ते ही नहीं बनता था शुरू के 5 km में 8.15 का पेस रहता था और जब ख़त्म उस समय 7.52 के अन्दर का पेस होता था। मैंने एक बात सीखी की 25 दिनों में 500 km रन किया प्रतिदिन स्टार्टिंग लाइन पर पहुच जाओ आपका टारगेट पक्के से पूरा होगा। कोई डरने की जरुरत नहीं ।में हमेशा कहता हु की मैराथन करने के लिए उसका फॉर्म भरो और स्टार्टिंग लाइन पर खड़े हो जाओ आप का टारगेट जरुर पूरा होगा।
मैंने 21 km प्रतिदिन करने का विचार अवनीश उपाध्याय जी से लिया था आज से 2 वर्ष पूर्व उन्होंने बताया था की कुछ लोग पुणे में 21 km प्रतिदिन रन करते है 21 दिन तक।
यह मानसिक शक्ति से ही हो सकता है। आपका शरीर तो रोज न कहता है। की आप ज्यादा कर रहे हो मत करो मत करो ।
परन्तु यदि आपने ठान लिया है तो शरीर मन के आगे समर्पण कर देता है। जो करना हो वो करो ।
मैंने अपने मन में टारगेट रखा था की 2.45 hr जो कट ऑफ समय है 21 k का उसी में सभी हाफ मैराथन करूँगा। वो एक ब्रेकर जैसा था। मतलब जब भी आप 21 km 2.45 hr में नहीं कर पा रहे हो मतलब  आपकी बॉडी थक चुकी है।सभी 21 रन मैंने नेगेटिव स्प्लिट के साथ की। सभी में avg hr 140 रही ।यह 2 लक्षण ऐसे थे जिससे में आगे बढता रहा।
16 मैराथन के बाद मुझे severe tendoachilis का दर्द हुआ ।उस दिन घर आकर मैंने हिम्मत हार दी और ग्रुप में भी पोस्ट किया की अब में नहीं करूँगा। रात तक रिकवरी हो जाती थी ।मैंने बर्फ से लेफ्ट ankle की सिकाई की ।तेल मालिश की। परन्तु मैंने 21 दिन में कभी भी analgesic टेबलेट नहीं ली ।
मेरा शुभचिंतको को चिंता थी की अब अति हो गयी है। परन्तु जूनून भी एक चीज होती है। में अपनी बॉडी की आवाज को हमेशा सुनता हु। मैंने ग्रुप से ये वादा किया था की में injured नहीं होऊंगा आप सभी चिंता न करे में प्रतिदिन छोड़ने को तैयार रहता था। मुझे रिकॉर्ड बनाने की तीव्र इच्छा थी परन्तु अपने आप को बचाना भी था।
आखिरी के 10 दिनों में  मुझे davv से काफी अच्छा सहयोग मिला। श्रीकांत भाले जी ,युगांक तिवारी, अखिलेश जैन ,संजय बिरला जी, गुरिंदर जी ,मंगा जी, अजय जांग जी, अमित बंग ,प्रवर पासी और मैडम, डॉ js टुटेजा ,और मैडम गोखले मैडम,अपूर्व जी ने रन भले न किया हो परन्तु वो रोज हौसला अफजाई करने जरुर आते थे
नीरज याग्निक जी का विशेष जिक्र करना चाहुगा जब मेरे 209 km हुए थे। उस समय का उनका सन्देश
"Dr sab 11दिन और 209 km अद्भुत प्रदर्शन,गज़ब का अनुशासन शारीरिक से कही अधिक दिमाग़ी संघर्ष।महीनेभर मे 500 km मुझे नज़र आ रहे है.....हां स्वास्थ्य का ख्याल जरूर रखिएगा क्योंकि वो सबसे ज़रूरी है।„
उनका यह सन्देश मुझ में जोश भर गया फिर भी सच्चाई मुझे मालूम थी की में तलवार की धार पर चल रहा हु। कभी भी में  इन्जुरेड हो सकता हु ।इसलिए मैंने एक फिलोसोफी सोचली थी की क्विट करने को तैयार रहो और दौड़ते रहो।
beetroot का मैंने काफी उपयोग किया इससे आपका स्टैमिना बढता है और रिकवरी फ़ास्ट होती है।
आखिरी 3 मैराथन में तो सभी की इच्छा थी की अब तो हो ही जाना चाहिए ।डॉ पांडे सर ने मुझे व्यक्तिगत सन्देश दिया की आप comfortable है तो जरुर करे। एक दिन सर आये और साथ में दौड़े भी। बुधवार 12 को लास्ट 21 km था ।सोम मंगल को जब मैंने 21k पूरा कर लिया था तो में बेफिक्र था की अंतिम 21 km तो मेरे सारे दोस्त ही मुझे करवा देंगे ।अकेले रन करना बहुत मुश्किल होता है। जो कोई भी 21 ×21 attempt करे उसको में सलाह दूंगा की एक पार्टनर जरुर ले ले जो सारे रन में साथ हो।
12 अप्रैल को में बिलकुल नर्वस नहीं था ।सुबह 4.45 पर रन चालू की ।श्रीकांत भाले जी मिल गए 2 km के बाद फिर डॉ रजनीशजी मिल गए 5 km पर ।
6 km पर rajeeish जैनऔर अर्पित जैन मिल गए फिर तो स्पीड भी बढ गयी। राजेश पोरवाल जी अपूर्व्जी संजय बिरला अखिलेश जैन डॉ गोखले सर और मैडम संजीव राजदान और भाभी  प्रियव्रत और सोनियाजी अंशु मैडम सागर अजयजी आदि सभी दोस्तों के साथ 21×21संपन्न हुआ फिर सेलिब्रेशन हुआ डॉ जीतेन्द्र ने सुन्दर सी तस्वीर दी। और संजीव जी ने और सभी लोगो ने मुझे हीरो जैसा कंधे पर उठा कर गुमाया वो पल में कभी नहीं भूल सकता हु सभी मित्रो का बहुत बहुत धन्यवाद।
यह कहानी इंदौर के सभी रुन्नेर्स को प्रेरित करेगी ऐसी आशा है मुझे। कोई व्यक्ति किसी भी उम्र में कुछ भी कर सकता है बस सोच ले और अपनी सारी मानसिक शक्ति उस पर लगा दे।24 घंटे दिमाग में जिद लेकर रखने से ही यह हो सकता है।
वापस से सभी का धन्यवाद इसे पढने के लिए।
डॉ योगेन्द्र व्यास
dryvyas@rediffmail.com
17 april 2017

Friday, April 14, 2017

21 half marathon 21 days

*मित्रो में अपनी इस छोटी सी उपलब्धी डॉ व्यास को समर्पित करता हूं जिन्हों ने मुझे इस दौड़ के लिए प्ररित किया वल एक व्यक्ति आपके जीवन मे क्या बदलाव ला सकता है उसका साक्षात उद्धारण है डॉ योगेंद्र व्यास , उनकी दौड़ने की खूबियों की मेने जो 20 दिनों में देखी है वो अवरणीय है पर उनकी कुछ खुबिया है वो जिन से शायद आप सभी वाकिफ होंगे   व्यासजी बड़े सरल और सहृदय ओर प्रसन्ता से ओत प्रोत  व्यक्तिव के धनी है सामने वाले को 2-3 दिन में लगता है जैसे उनकी 10-20 वर्षो की दोस्ती है,वे लोगो को बिना भाषण अपने आचरण से प्ररेरित करते है चाहे वो रामचंद्र नगर से 4.45/5am  बजे DAVV के मेराथन मुनिश्री के रूप में नंगे पांव अवतरित होना उसके बाद हर दौड़ने वाले  घूमने वाले व्यक्ति को अपने कर्म शैली से आकर्षित करना उनको दौड़ने के लिए अभिप्रेरित करना(बिना कोई भाषण के),  व्यासजी ने  कई runner और walkers को नंगे पांव दौड़ लगाने और पैदल चलने की प्ररेणा दी है शायद ये आप सब ने 12 अप्रैल को देखा भी होगा ऐसे व्यक्तित्व को मेरा दिल के अंतिम छोर से अभिवादन मुझे मेरी दौड़ में अप्रूव मिश्रा जी और तक्षिला मॉर्निंग योग मित्र मंडल ने भी हौसला बढ़ाया उनका ओर आप सभी इंदौर सुपेरचार्जर परिवार का भी धन्यवाद जिन्होंने मेरी  हौसला अफजाई की*
धन्यवाद जय हिन्द
🙏🙏🙏🙏🙏🙏💐 संजय बिरला जी

डाॅ. योगेन्द्र व्यास की उपलब्धियो से अभिभूत होकर....
व्यास जी आपके जज्बे की जितनी तारीफ की जाए कम होगी, लगातार 21 दिन 21 km का जो ये कारनामा आपने कर दिखाया है यह सारे धावको के लिए एक प्रेरणास्रोत होगा,21 दिनों तक दौड़ना तो दूर 21 दिनों तक 4 बजे सुबह उठना ही मुझे तो असंभव लगता है वो तो दूर मै तो आज ही 5 बजे उठकर 15 मिनट के लिए सोया तो 8.15 पर जगा।
हां आपकी इस अद्भुत उपलब्धि पर एक आयोजन अवश्य होना चाहिए जिसमे शहर के सारे रनर्स एकत्रित हो व आपके ज्ञान की गंगा के जल का सेवन कर सके..... जिसे पीकर हम रनर्स तृप्त हो सके 🙏🙏🙏
नीरज याग्निक जी

बात 2 साल पहले तब की है जब मैंने सायकल चलाना शुरू ही किया था।30 -35 किलोमीटर साइकिल रोज चलाने निकल पड़ता था। एक दिन सेमल्या चाऊ रोड़ पर उधर से आते हुए 4 लोग व्यवस्थित हेलमेट वगैरह लगाते हुए सायकल से वापस कनाड़िया आते दिखे। मैंने हाथ हिलाकर नमस्कार किया तो उनमे से एक आवाज़ आई - आ जाओ हमारे साथ चलो।मैं खुश की चलो इतने दिनों से सायकल चला रहा हूँ कोई तो साथी मिले।मैंने सायकल तुरंत पलटाने की कोशिश की तो मेरी सायकल की चेन उतर गयी।पहली बार गियर वाली सायकल की चेन उतरी थी।उसे वापस चढ़ाकर ठीक करूँ और सायकल चलाऊं तब तक 10 मिनिट हो गए थे।और मुझे मिले सायकल सवार बहुत आगे निकल गए थे। पर उस दिन नियती ने कुछ और ठाना हुआ था । मुझे इन लोगो से मिलना ही था ।मैंने उस दिन बहुत तेज सायकल चलाई और आखिर में इन लोगो के साथ हो लिया।सायकल चलाते चलाते जिन सज्जन से सबसे ज्यादा बात हुई वे थे डॉ योगेन्द्र व्यास। उन्होंनो बताया कि हम लोग रोज कुछ न कुछ करते है।ज्यादातर दौड़ते है कभी कभी सायकल भी चलाते है।मैंने कहा सर सायकल तो मैं चला लेता हूँ पर दौड़ा आज तक कभी भी नहीं। उन्होंने बताया बताया कि 5 साल पहले वे भी नहीं दौड़ते थे पर एक बार दौड़ना शुरू किया तो अब मेराथन दौड़ते है यानी 42 किलोमीटर।सिंगापूर में भी मेराथन दौड़कर आये है।आप भी दौड़ो। कुल मिलाकर 45 मिनिट का उनका साहचर्य मुझमे जबरदस्त ऊर्जा भर गया था। कनाड़िया चौराहे पर रुके तो मोहित भाई, लोकेश भाई और संदीप भाई से परिचय हुआ।मोहित भाई ने सायकल की मेरी सीट ऊंची करी कि अब यह ठीक है आपकी हाइट के अनुसार। व्यास सर बोले मोहित कुणाल भाई को भी अपने व्हाट्सऐप ग्रुप में शामिल करो। मैं घर पहुंचा तब तक मैं सुपर चार्जर ग्रुप का मेंबर बन चुका था। वह दिन मेरी जिंदगी में परिवर्तन लाने वाला रहा । मैं एक ऐसे ग्रुप से जुड़ चुका था जो सेहत को ठीक बनाये रखने के प्रति जबरदस्त समर्पित था। फिर तो मैंने इन साथियों के साथ खूब सायक्लिंग की । 200 से लेकर 600 किलोमीटर तक सायकल चला डाली।

तब से लेकर आज तक डॉ व्यासजी की दौड़ के प्रति दीवानगी का मैं साक्षी रहा हूँ। सर को बस कुछ चेलेंज मिलना भर चाहिए जुट जाते है फिर वो ।नंगे पैर दौड़ना हो, किसी इंजुरी को ठीक करना हो, या कुछ नया चेलेंज लेना हो, कही भी व्यास सर पीछे नहीं रहते है।

पिछले 25 दिनों से तो सर कमाल ही कर रहे थे।पहले दिन 42 किलोमीटर, दूसरे दिन आराम फिर दो दिन 10-10 किलोमीटर और फिर लगातार 21 दिनों से रोज 21 किलोमीटर।याने 21*21किलोमीटर के साथ 25 दिनों में कुल 503 किलोमीटर की दौड़। गज़ब, अद्भुत, अकल्पनीय,जानदार और शानदार रिकार्ड ।

मुझ जैसे सैकड़ो लोगों को प्रेरणा प्रदान करने वाले जिद और जूनून के धनी व्यास सर को जब आज सुबह बधाई देने DAVV गया तो वे सुपरचार्जर के अपने मित्रों के साथ कितने खुश थे। उनकी ख़ुशी और उनका चहकना, बात बात पर खिलखिलाकर हंसना और अपने अनुभव शेयर करना हमेशा के लिए दिल पर अंकित हो गया है।

बधाई व्यास सर और सैल्यूट आपके जज़्बे को, आपके जूनून और आपकी कड़ी मेहनत को।

अभी तक 25 फूल मेराथन(42 किलोमीटर) और 150 हॉफ मेराथन(21 किलोमीटर) दौड़ और 200 किलोमीटर साइकिलिंग ब्रेवेट पूरी करने वाले डॉ व्यास सर का "आयरन मेन" (16 घंटे में नान स्टॉप 42.2 किलोमीटर दौड़ना, 182.2 किलोमीटर सायकल चलाना और 3800 मीटर तैरना) बनने का टारगेट जल्द ही पूरा हो यही हार्दिक मंगलकामनाएं💐💐💐💐💐
thanks कुणाल मिश्रा जी

Monday, February 20, 2017

24 th full Marathon 5 th barefoot

24 th मैराथन 19 feb 2017
18 तारीख को में रात्रि में अच्छा खा पीकर 10 बजे सो गया। डेढ़ बजे रात को नींद खुल गयी फिर भी सोया रहा ढाई बजे तक। फिर उठ कर मूंगफली के दाने सीके हुए खाए ।एक चाय पी।
इंदौर मैराथन में मैंने चाय और ब्रेड ली थी मुझे उलटी हो गयी थी। नए अनुभव हर दौड़ में करना चाहिए।
1.2 litre slice mango जूस में 10 ग्राम सेंदा नमक और 2 निम्बू का जूस उसमे डाल दिया और 600
600 ml की 2 बोतल तैयार कर ली।2 लिटर सादा पानी लिया।
खजूर कीमिया 8 लिए ।
उपरोक्त सभी चीजो में मेरा 42 km हो गया इसके अलावा में 3 केले
चिक्की
5 स्टार
प्रोटीन बार
ले कर गया था। सुबह घर से 3.40 am पर निकल गया। रात में ही dynaplast पट्टी लगा कर सोया था। क्योकि 42 km में पेरो को बचाया जा सके कंकर पत्थर से।
100 ml स्लाइस में 60 kal होती है।720 cal सिर्फ स्लाइस से ही मिल गयी शुगर सलूशन के कारण पेट गड़बड़ होने का भी डर होता है। ब्लोटिंग सेंसेशन।
खैर घर से निकला तो डर था की davv में लाइट नहीं हुयी या अन्दर एंट्री नहीं दी तो क्या करेंगे मैंने सोच लिया था की बी आर टी एस पर रन करूँगा।4 बजकर 7 min पर रन चालू किया।4.15 पर डॉ मुकेश बिरला जी की आवाज सुनकर मजा आ गया। फिर 6.30 तक उन्होंने मुझे बहुत बढ़िया कंपनी दी ।मेरे स्लो पेस में भी मेरे साथ दौड़े ।मैंने उन्हें कहा की आप को तेज करना हो तो कर सकते हो। उन्होंने कहा की आज आप के पेस में ही करूँगा ।बहुत गप शप की 20 k तक ।फिर तो अपूर्व मिश्र जी राजेश पोरवाल जी डॉ प्रशांत अखिल जैन विकास जैन कमल किशोर जी  सुरेश लाहोटी जी दिनेश सुले जी प्रकाश दूधिया आदि सुपर चार्जर आ गए।16 km के बाद पेस 7.15 हो गया तो sub 5 की उम्मीद मैंने छोड़ दी।
एवरेज पेस 7.09 चाहिए था 42 के लिए sub 5 में करने के लिए। पहला टारगेट 21 हुआ तो थोड़ी बहुत शांति मिली की आधा तो हो गया अगला टारगेट 32 k था। मुझे सुनील गावस्कर की बात याद आ रही थी वो कहते थे पिच पर खड़े रहो रन बनते रहेंगे ।l
इसलिए मैंने पेस का टेंशन छोड़ दिया। एक दो बार मेरा पेस 8.5 के आसपास आ गया था।26 या 27 km से 42 k तक अखिल जैन ने मुझे कंपनी दी।मैंने अखिल को बताया की जब तक 35 km नहीं आता 42 की कोई उम्मीद नहीं है ।मैंने ठान लिया था की मेरा पेस 7.40 के ऊपर जायेगा तो में छोड़ दूंगा ।क्योकि जब आप में ताकत न हो तो मर मर कर नहीं रन करना चाहिए ये डायलॉग हमारे डॉ अमित बंग के है ।मैंने पुरे समय एवरेज पेस को 7.22 से ऊपर नहीं जाने दिया और फिनिश 7.19 के पेस पर किया।35 km बाद तो मुझे जोश आ जाता है। अखिल ने कहा की 31 km पर आपकी स्पीड अलग थी और 38 पर अलग हो गयी है। बढ़ गयी है स्पीड। अखिल ने बताया की अपूर्व जी कह रहे थे की लेट चालू किया सभी ने क्योकि 42 km फिनिशिंग टाइम तक रुकना होता है। मैंने अखिल को कहा की ऐसा कोई नियम नहीं है ये सभी सुपर चार्जर का प्यार है। कोई जबरदस्ती नहीं है। मैंने उससे कहा की तुम जल्दी जा सकते हो। परन्तु अखिल अंतिम km तक रुका। kk जी lahoti जी सुलेजी अपूर्व्जी रुके रहे मेरे लिए ।में सभी का दिल से आभारी हु डॉ जीतेन्द्र तो सिर्फ मेरे लिए आये। अजय झांग जी साइकिल से आये संजय बिरला भी आये ।
42 km 5 घंटे 7 min में हो गयी ।9.15 am हो रहे थे उस समय ।सड़क पर स्ट्रेचिंग की डॉ जीतेन्द्र ने बढ़िया स्ट्रेचिंग करायी।
davv में sub 5 हो सकती थी परन्तु 3.3 km के एक लैप में 23 मोड़ या बेरिकेड या मुढ़ ना होता है 42 km में 13.3 laps means 300 obstacles 2 सेकंड भी एक्स्ट्रा लगे तो 600 सेकंड का नुकसान।
खेर घर आकर एक केला शेक पिया। कोई प्रोटीन पाउडर में नहीं लेता हु ।क्लिनिक पर 11 से 12 पेशेंट देखे ।घर आकर दाल बाफले खा कर लेट गया।2 बजे भूख लगी ।सेंव मिक्सचर परमल खाए। फिर लेटा 30 min की नींद मिली ।रात को भी 3 घंटे ही सो पाया था।3.30 से 7 बजे तक सोशल विजिट की हेमा के साथ अलग अलग दोस्तों के घर जाकर। बेयरफुट रनिंग के कारण शायद इंजरी बहुत कम होती है। रात्रि को 8 बजे दाल बाफले और कड़ी रोटी 3 खाकर सो गया। सुबह 3.30 पर नींद खुली भूख लग रही थी 3 रोटी सब्जी से खाकर वापस सो गया 7 बजे उठा। यह इसलिए लिख रहा हु की 42 k के पहले और बाद में खासकर खूब खाना चाहिए। रिकवरी के लिए। भूख लगे तो खाते जाओ आपकी  बॉडी खुद मांगती है। सुबह उपमा खाया 100 gm फिर 2 रोटी खाकर क्लिनिक गया 20 तारीख को  ।क्लिनिक पर 3 केले खा लिए।2 बजे घर आकर 2 रोटी दाल चावल सब्जी रोटी खायी।
मतलब यह है की मैराथन रन के समय और बाद में अच्छे से खाना चाहिए अचार नमक निम्बू विशेषकर ।अपने शरीर के इलेक्ट्रोलाइट सब गड़बड़ हो जाते है 42 km में ।
उम्मीद है की नए रनर को ये आलेख पसंद आएगा।
डॉ योगेन्द्र व्यास
M D PEDIATRICS

Monday, May 16, 2016

जनसँख्या वृद्धि

देश की सबसे बड़ी समस्या जनसँख्या वृद्धि पर मोदी जी को मन की बात में उठाना चाहिए।संजय गाँधी के बाद किसी भी नेता ने जनसँख्या वृद्धि पर कभी भी जोर नहीं दिया ।क्यों ??????
क्योकि सभी पार्टियों को डर लगता है बर्र के छत्ते में हाथ डालने से।
हमारे संसाधन वही है हमारी आबादी बढती जा रही।जंगल ख़त्म हो रहे है।नलकूप और कुओ में जो15 फीट पर पानी आ जाता था आज से 20 वर्ष पूर्व आज 300 फीट पर भी पानी नहीं आ रहा है।
अगर चीन 2 बच्चो पर परिवार नियोजन की नीती अपना सकता है तो हम क्यों नहीं।
चीन ने तो पिछले 15 सालो से एक परिवार एक बच्चा की नीती अपना रखी है।
24 घंटे खबरिया चैनल चलाने वाले चैनल के पास इतने बढे मुद्दे पर कोई बहस नहीं।
आज गरीबी बेरोजगारी महगाई अशिक्षा सभी आबादी बढ़ने का दुष्परिणाम है।
में उम्मीद करूँगा की मेरी बात नरेन्द्र मोदी जी तक पहुचे और जिस प्रकार से स्वेच्छा से गैस सब्सिडी छुडवाने की अपील की उसी प्रकार कम बच्चे पैदा करने की अपील करना चाहिए।
2 बच्चो से ज्यादा होने पर राशन न मिले।दूसरी सुविधाए न मिले।
सरकारी नौकरी न मिले।बैंक से लोन न मिले।अतिरिक्त टैक्स लगाया जाये।
कुछ ऐसे उपाय करना होंगे ।
पहले परिवार नियोजन के विज्ञापन आते थे उन्हें वापस चालू करना चाहिए।दूरदर्शन और प्राइवेट चैनल को कहा जाये की आबादी नियंत्रण के विज्ञापन दिखाए और उस पर सार्वजनिक बहस कराये।
डॉ योगेन्द्र व्यास
देश का एक जिम्मेदार नागरिक

Friday, May 13, 2016

15 km रनिंग 45 दिन तीन अनुभव




 3 अप्रैल को में मल्हाराश्रम पर 15 km रन करने के लिए गया सुबह 6 बजे रनिंग चालू कर दी परन्तु 2 km के बाद ही दर्द itb ileotibial band का दर्द होने लगा फिर भी मन नहीं था और   रोते गाते 15  km रन किया।1 hr.59 min 7 .53  का pace में
फिर 1 may को पहली बार पीटीसी गया डॉ मुकेश बिरला और राहुल के साथ 5 बजे रनिंग चालू कर दी क्योकि मुझे वहा के रास्ते नहीं मालूम थे।उन दोनों की स्पीड 6.30 के pace में रन कर रहे थे 2 km तक मैंने भी उसी pace में रनिंग की फिर उन्हें जाने दिया ।मेरी गलतिया बता रहा हू ।बगैर स्ट्रेचिंग बगैर वार्मअप रन करना गलत है।
दूसरा आप अपने pace में ही रन करो कोई टेम्पटेशन नहीं होना चाहिए।
तीसरा पीटीसी में रन करते समय मेरे पास 600 ml पानी था फिर  भी मेरा ध्यान पानी पर था की 8 km तक पानी नहीं मिलेगा और मुझे नेहरु स्टेडियम जाने का रास्ता भी नहीं मालूम है।फिर 3 km बाद से ही मूड ख़राब होने लगा ।विकास सुरेशजी पोरवाल जी को देखकर मन प्रसन्न हो गया।फिर वही रोते गाते नेहरु स्टेडियम पंहुचा देखा की अमित बंग रन कर रहे थे ।उसको देखकर वापस रनिंग7 की और 15 km रन किया 1hr 51 min में 7.25 के pace में।
लास्ट सन्डे 8 may को सोचा था की 15 km रन कर लू परन्तु सभी दोस्तॊ के आग्रह पर रालामंडल हिल रनिंग करने पहुच गया।


अब आज की बात आज सुबह 4.13 am का अलार्म था और 3.45am पर उठ गया।
फिर देखा की मेरा हेड फोन ख़राब हो गया मूड भी बिगड़ गया मैंने तैय्यारी की और 5 am शार्प बिजासन चौराहे पर पहुच गया ।स्ट्रेचिंग की और रन करना चालू कर दिया 500 m में देखा तो औसत पेस 7.45फिर स्पीड बढाई ।2 km के बाद pace सेट हो गया 6.50   रन करते समय अलग अलग विचार आते है मन को समझाया 5 km तक पानी नहीं पियूँगा और वाकिंग ब्रेक नहीं लूँगा ।फिर सोचा 7.50 km रेलवे क्रासिंग पर ब्रेक लूँगा।7.5 km पर comfortable लग रहा था 10 km tcs ऑफिस के वहा तक का टारगेट रखा 6.51 के pace को मेन्टेन करने का वो भी हो गया ।परन्तु कुछ कुत्ते पीछे पड़ गए जैसे तैसे उन्हें भगाया।रुन्नेर्स को ये हुनर आना चाहिए।
आज की सीख यह रही की आप एक pace में रन करते रहो वाकिंग ब्रेक मत लो ।
और घर से 1.5 litre पानी पीकर निकलो ।तो आप की स्पीड और pace इम्प्रूव हॊत जायेगा।
सुबह vibram शूज को देखकर दुखी हुआ की साइज़ 10 का मुझे बड़ा पड़ रहा है ।परन्तु रन करने में कोई दिक्कत नहीं हुयी
सभी रनर को बहुत धन्यवाद्  ब्लॉग को पढने के लिए ।
शायद किसी को कुछ काम की टिप मिल जाये।
इसीलिए लिखा।
अगर आप इंजरी फ्री रहेंगे और लक्ष्य बना कर प्रैक्टिस करेंगे तो रनिंग में स्पीड बढती जाएगी
सभी को शुभकामनाये ।
happy running